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रोहित ने बनाए कई रिकॉर्ड पर गावस्कर का कीर्तिमान नहीं टूटा
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 15 Nov 2014 03:51 PM IST
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सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने कोलकाता के ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ जिस तरह की धमाकेदार पारी खेली उसके आगे बाकी सब बौना साबित हो गया। हर ओर रोहित की ही पारी की चर्चा रही। हालांकि इस बल्लेबाज ने जो कारनामा कर दिखाया है उसकी की चर्चा हर ओर होनी ही थी।
बावजूद इसके हम आपको कुछ ऐसी अनोखी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो उनकी रिकॉर्डतोड़ पारी के कारण चर्चा नहीं पा सकी। इस मैच में भारत ने वनडे क्रिकेट में 404 रनों का पहाड़नुमा स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया ने वनडे क्रिकेट की एक पारी में वर्ल्ड रिकॉर्ड पांचवीं बार 400 से ज्यादा का स्कोर किया है। भारत इस मामले में अन्य टीमों से काफी आगे है। साथ ही भारत पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने एक ही टीम के खिलाफ 2 बार 400 से ज्यादा का स्कोर किया और वह टीम है श्रीलंका की।
भारत ने वनडे में पहली बार 19 मार्च, 2007 को 400 रनों के आंकड़े को छुआ था। टीम इंडिया उस समय वर्ल्ड कप खेलने वेस्टइंडीज में थी। लीग मैच में उसने पोर्ट ऑफ स्पेन में बारमुडा के खिलाफ 5 विकेट पर 413 रनों का स्कोर किया। दूसरी बार 15 दिसंबर, 2009 को राजकोट में श्रीलंका के खिलाफ 7 विकेट पर 414 रन बनाए।
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24 फरवरी 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में खेले गए वनडे मैच में भारत ने एक बार फिर 400 रनों के आंकड़े को छुआ, यह मैच इस मायने में बेहद खास था क्योंकि इसी मैच में सचिन तेंदुलकर ने ऐतिहासिक पारी खेलते हुए दोहरा शतक लगाया। वह 200 रन बनाकर नाबाद लौटे। तब तेंदुलकर वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे।
इसके बाद 8 दिसंबर, 2011 में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 विकेट पर 418 रनों का स्कोर खड़ा किया। यह मैच भी यादगार रहा क्योंकि वीरेंद्र सहवाग भी इस मैच में दोहरा शतक जमाते हुए तेंदुलकर के कारनामे से आगे बढ़ गए और 219 रनों की पारी खेल डाली। फिर कल 13 नवंबर को रोहित ने 264 रनों की वर्ल्ड रिकॉर्ड पारी खेलते हुए भारत के 5 विकेट पर 404 रनों का रिकॉर्ड बना दिया।
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बावजूद इसके हम आपको कुछ ऐसी अनोखी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो उनकी रिकॉर्डतोड़ पारी के कारण चर्चा नहीं पा सकी। इस मैच में भारत ने वनडे क्रिकेट में 404 रनों का पहाड़नुमा स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया ने वनडे क्रिकेट की एक पारी में वर्ल्ड रिकॉर्ड पांचवीं बार 400 से ज्यादा का स्कोर किया है। भारत इस मामले में अन्य टीमों से काफी आगे है। साथ ही भारत पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने एक ही टीम के खिलाफ 2 बार 400 से ज्यादा का स्कोर किया और वह टीम है श्रीलंका की।
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भारत ने वनडे में पहली बार 19 मार्च, 2007 को 400 रनों के आंकड़े को छुआ था। टीम इंडिया उस समय वर्ल्ड कप खेलने वेस्टइंडीज में थी। लीग मैच में उसने पोर्ट ऑफ स्पेन में बारमुडा के खिलाफ 5 विकेट पर 413 रनों का स्कोर किया। दूसरी बार 15 दिसंबर, 2009 को राजकोट में श्रीलंका के खिलाफ 7 विकेट पर 414 रन बनाए।
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24 फरवरी 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में खेले गए वनडे मैच में भारत ने एक बार फिर 400 रनों के आंकड़े को छुआ, यह मैच इस मायने में बेहद खास था क्योंकि इसी मैच में सचिन तेंदुलकर ने ऐतिहासिक पारी खेलते हुए दोहरा शतक लगाया। वह 200 रन बनाकर नाबाद लौटे। तब तेंदुलकर वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे।
इसके बाद 8 दिसंबर, 2011 में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 विकेट पर 418 रनों का स्कोर खड़ा किया। यह मैच भी यादगार रहा क्योंकि वीरेंद्र सहवाग भी इस मैच में दोहरा शतक जमाते हुए तेंदुलकर के कारनामे से आगे बढ़ गए और 219 रनों की पारी खेल डाली। फिर कल 13 नवंबर को रोहित ने 264 रनों की वर्ल्ड रिकॉर्ड पारी खेलते हुए भारत के 5 विकेट पर 404 रनों का रिकॉर्ड बना दिया।
तीनों दोहरे शतक वाले मैच में जीत का अंतर 153 ही रहा
भारतीय बल्लेबाजों ने जिन 3 मैचों में दोहरे शतक लगाए और टीम का स्कोर 400 के पार गया, उसमें भारत ने विपक्षी टीम को एक ही रन के अंतर से हराया। यह हार का अंतर था 153 रनों का। सचिन तेंदुलकर (200 नाबाद) ने ग्वालियर वनडे में दोहरा शतक लगाया उसमें भारत ने 402 रनों का लक्ष्य देने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 43वें ओवर में ही 248 रनों पर आउट करते हुए 153 रनों से हरा दिया।
8 दिसंबर, 2011 को खेली गई वीरेंद्र सहवाग (219) की ऐतिहासिक पारी के दम पर भारत ने 50 ओवर में 5 विकेट पर 418 रन बनाए और 419 रनों का लक्ष्य देने के बाद भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 50वें ओवर में 265 रनों पर समेट कर 153 रनों से मैच जीत लिया।
तेंदुलकर और सहवाग के बाद दोहरा शतक लगाने का कारनामा सिर्फ रोहित शर्मा ने किया है और वह भी 2 बार। पहली बार उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले साल नवंबर में बंगलूरू में 209 रनों की पारी खेली थी लेकिन भारत इसमें 400 रनों का आंकड़ा नहीं छू सका और 383 रन ही बना पाया। लेकिन कोलकाता में रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की पारी खेली जिसके दम पर टीम इंडिया 404 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही। मजेदार बात यह है कि इस मैच में भी भारत ने 153 रनों के अंतर से मैच जीता। श्रीलंका की पूरी टीम 44वें ओवर में 251 रन बनाकर आउट हो गई।
153 रन के अंतर से मिली जीत के अलावा एक और समानता इन तीनों मैचों है और वह है कि तीनों ही बार भारतीय गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को 50 ओवर से पहले ही आउट कर दिया।
8 दिसंबर, 2011 को खेली गई वीरेंद्र सहवाग (219) की ऐतिहासिक पारी के दम पर भारत ने 50 ओवर में 5 विकेट पर 418 रन बनाए और 419 रनों का लक्ष्य देने के बाद भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 50वें ओवर में 265 रनों पर समेट कर 153 रनों से मैच जीत लिया।
तेंदुलकर और सहवाग के बाद दोहरा शतक लगाने का कारनामा सिर्फ रोहित शर्मा ने किया है और वह भी 2 बार। पहली बार उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले साल नवंबर में बंगलूरू में 209 रनों की पारी खेली थी लेकिन भारत इसमें 400 रनों का आंकड़ा नहीं छू सका और 383 रन ही बना पाया। लेकिन कोलकाता में रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की पारी खेली जिसके दम पर टीम इंडिया 404 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही। मजेदार बात यह है कि इस मैच में भी भारत ने 153 रनों के अंतर से मैच जीता। श्रीलंका की पूरी टीम 44वें ओवर में 251 रन बनाकर आउट हो गई।
153 रन के अंतर से मिली जीत के अलावा एक और समानता इन तीनों मैचों है और वह है कि तीनों ही बार भारतीय गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को 50 ओवर से पहले ही आउट कर दिया।
वनडे की किसी एक पारी में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड
सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की दिलकश पारी में एक और रिकॉर्ड चर्चा नहीं पा सका, और वह है वनडे की किसी एक पारी में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड। रोहित बतौर ओपनर क्रीज पर उतरे और भारतीय पारी की अंतिम गेंद तक खेलते रहे। वह भारतीय पारी की अंतिम गेंद पर कैच आउट हुए।
हालांकि आउट होते-होते वह 173 गेंदें खेल चुके थे और एक पारी में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज हो गया। उन्होंने 50-50 ओवर के मैच में सबसे ज्यादा 173 गेंद खेलने का रिकॉर्ड बनाया।
जहां तक वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने की बात है तो यह रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम है जिन्होंने पहले वर्ल्ड कप में ही यह कारनामा कर दिखाया था और आज तक यह उनके नाम ही दर्ज है। 7 जून, 1975 को लॉडर्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में गावस्कर ने 174 गेंदें खेलने का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन ये मैच 50-50 के बजाए 60-60 ओवर के हुआ करते थे। रिकॉर्ड 174 गेंद खेलने के बावजूद गावस्कर नाबाद 36 रन ही बना सके। एक पारी में सबसे ज्यादा गेंद खेलने, और बेहद धीमी बल्लेबाजी करने के ये दोनों ही रिकॉर्ड आज भी गावस्कर के नाम सुरक्षित हैं।
हालांकि आउट होते-होते वह 173 गेंदें खेल चुके थे और एक पारी में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज हो गया। उन्होंने 50-50 ओवर के मैच में सबसे ज्यादा 173 गेंद खेलने का रिकॉर्ड बनाया।
जहां तक वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने की बात है तो यह रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम है जिन्होंने पहले वर्ल्ड कप में ही यह कारनामा कर दिखाया था और आज तक यह उनके नाम ही दर्ज है। 7 जून, 1975 को लॉडर्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में गावस्कर ने 174 गेंदें खेलने का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन ये मैच 50-50 के बजाए 60-60 ओवर के हुआ करते थे। रिकॉर्ड 174 गेंद खेलने के बावजूद गावस्कर नाबाद 36 रन ही बना सके। एक पारी में सबसे ज्यादा गेंद खेलने, और बेहद धीमी बल्लेबाजी करने के ये दोनों ही रिकॉर्ड आज भी गावस्कर के नाम सुरक्षित हैं।
विराट कोहली की एक और दोहरी शतकीय साझेदारी
विराट कोहली ने रोहित शर्मा ने साथ चौथे वनडे मैच में तीसरे विकेट के लिए 202 रनों की दोहरी शतकीय साझेदारी की। हालांकि कोहली 66 रन बनाकर रन आउट हो गए। लेकिन आउट होने से पहले एक रिकॉर्ड अपने नाम भी कर लिया। तीसरे विकेट के लिए भारत की ओर से आठवीं बार दोहरी शतकीय साझेदारी की गई, जिसमें 5 बार कोहली साझीदार बने।
दूसरी ओर, एक के बाद एक करारी हार का सामना करने वाली श्रीलंकाई टीम के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज का शानदार प्रदर्शन जारी है। कोलकाता में भी उन्होंने अर्धशतक लगाया। इस पारी के साथ वह साल 2014 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। मैथ्यूज इस साल 25 वनडे में 8 अर्धशतकों के साथ 923 ( औसत 61.53) रन बनाकर सबसे आगे चल रहे हैं।
मैच के बाद जब रोहित से पूछा गया कि क्या वह थके हुए हैं तो उनका जवाब था कि अभी वह और 50 ओवर खेल सकते थे। उन्होंने कहा, "चोट के कारण अभी-अभी मैं ब्रेक से लौटा हूं इसलिए कोई थकान नहीं हुई है। मैं बल्कि अभी और 50 ओवर खेल सकता हूं। मैं जानता था कि शाम को यहां काफी ओस गिरेंगी जिस कारण 350 का स्कोर भी सुरक्षित नहीं होगा इसलिए मैंने अधिक से अधिक रन बनाने की कोशिश की।"
दूसरी ओर, एक के बाद एक करारी हार का सामना करने वाली श्रीलंकाई टीम के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज का शानदार प्रदर्शन जारी है। कोलकाता में भी उन्होंने अर्धशतक लगाया। इस पारी के साथ वह साल 2014 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। मैथ्यूज इस साल 25 वनडे में 8 अर्धशतकों के साथ 923 ( औसत 61.53) रन बनाकर सबसे आगे चल रहे हैं।
मैच के बाद जब रोहित से पूछा गया कि क्या वह थके हुए हैं तो उनका जवाब था कि अभी वह और 50 ओवर खेल सकते थे। उन्होंने कहा, "चोट के कारण अभी-अभी मैं ब्रेक से लौटा हूं इसलिए कोई थकान नहीं हुई है। मैं बल्कि अभी और 50 ओवर खेल सकता हूं। मैं जानता था कि शाम को यहां काफी ओस गिरेंगी जिस कारण 350 का स्कोर भी सुरक्षित नहीं होगा इसलिए मैंने अधिक से अधिक रन बनाने की कोशिश की।"