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52/0 (4.1 ov)
Jewel Andrew 21(15)*
Shai Hope 20 (11)
IND elected to bowl
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1983 World Cup: आज के दिन ही पहली बार विश्व विजेता बना था भारत, विश्व कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान थे कपिल देव
Sat, 25 Jun 2022 11:56 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 25 Jun 2022 11:56 AM IST
सार
आज से 39 साल पहले भारतीय टीम ने फाइनल मैच में वेस्टइंडीज को हराकर विश्व कप अपने नाम किया था। भारत विश्व कप जीतने वाली दूसरी टीम थी। इससे पहले दोनों विश्व कप वेस्टइंडीज ने ही जीते थे।
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1983 वर्ल्डकप की ट्रॉफी के साथ कपिल देव
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 25 जून, 1983 का दिन बहुत अहमियत रखता है। इसी दिन भारत पहली बार विश्व विजेता बना था और विश्व कप में वेस्टइंडीज की बादशाहत खत्म की थी। यह विश्व कप जीतने के बाद भारत में क्रिकेट की स्थिति बदल गई। देश में क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ी और अब बीसीसीआई दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट बोर्ड है। इस टूर्नामेंट में भारत की युवा टीम ने वह कर दिखाया था, जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था।
1980 के दशक में वेस्टइंडीज की टीम बेहद मजबूत हुआ करती थी। लगातार तीसरी बार विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड की धरती पर हो रहा था। यहां की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती है और वेस्टइंडीज के पास एक से बढ़कर एक तेज गेंदबाज थे। ऐसे में किसी ने भारत के फाइनल तक में पहुंचने की कल्पना नहीं की थी। हालांकि, युवा कपिल देव की अगुवाई में भारतीय टीम ने कमाल किया और विश्व कप अपने नाम किया।
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1980 के दशक में वेस्टइंडीज की टीम बेहद मजबूत हुआ करती थी। लगातार तीसरी बार विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड की धरती पर हो रहा था। यहां की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती है और वेस्टइंडीज के पास एक से बढ़कर एक तेज गेंदबाज थे। ऐसे में किसी ने भारत के फाइनल तक में पहुंचने की कल्पना नहीं की थी। हालांकि, युवा कपिल देव की अगुवाई में भारतीय टीम ने कमाल किया और विश्व कप अपने नाम किया।
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भारत ने खत्म किया वेस्टइंडीज का दबदबा
क्रिकेट में विश्व कप की शुरुआत साल 1975 में हुई थी। इस समय विश्व क्रिकेट में वेस्टइंडीज का दबदबा था। इस दौरे में कैरिबियाई टीम में विवियन रिचर्ड्स और क्लाइव लॉयड जैसे खिलाड़ी थे। इसके साथ ही तेज गेंदबाजों की पूरी फौज विंडीज की टीम में थी। पूरे दो दशक तक वेस्टइंडीज के पास कई खतरनाक तेज गेंदबाज थे, जिनसे दुनियाभर के बल्लेबाज खौफ खाते थे।
भारत की टीम इस समय विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बना रही थी, लेकिन भारत के विश्व चैंपियन बनने की उम्मीद कोई नहीं कर रहा था। वेस्टइंडीज ने 1975 और 1979 का विश्व कप जीता था और 1983 में लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने के लिए तैयार थी। उम्मीद थी कि ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड इस टीम को टक्कर देंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भारत ने सबको चौकाते हुए टूर्नामेंट जीता और कपिलदेव विश्व कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान बने।
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बदल गई भारतीय क्रिकेट की किस्मत
जब भारतीय टीम विश्व विजता बनी तब बीसीसीआई के पास अपने खिलाड़ियों को इनाम देने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में लता मंगेशकर से बात की गई और उन्होंने बिना कोई पैसा लिए गाना गाया। इस आयोजन से जो पैसे मिले, उन्हीं से खिलाड़ियों को ईनाम दिया गया। विश्व कप जीतने के बाद भारत में क्रिकेट दिनों-दिन लोकप्रिय होता चला गया। बीसीसीआई के पास पैसों की भरमार हुई और देश में क्रिकेट की स्थिति बेहतर होती चली गई। अब आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को आराम से करोड़ों रुपये मिलते हैं। इसकी शुरुआत 1983 में ही हुई थी।
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