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राज और नीति : मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार में आ सकते हैं चौंकाने वाले नाम
सार
पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा की सफलता के बाद अब मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री जल्द दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से चर्चा कर सकते हैं।
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राज और नीति : मप्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को भारी सफलता हासिल हुई है। माना जा रहा है कि इस महाभियान के बाद अब पार्टी मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के लंबित मामलों को निपटाने में लगेगी। पिछले कई महीनों से मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल की चल रही चर्चा को अब मूर्त रूप मिल सकता है। चर्चा में यह है कि कुछ दिग्गज मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, लेकिन उससे भी ज्यादा चर्चा यह है कि उनके स्थान पर कुछ चौंकाने वाले नाम आ सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसको लेकर मुख्यमंत्री दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं से मिल सकते हैं।
चार माह में ही गृह विभाग से विदा हुए शिव शेखर शुक्ला
भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1994 बैच के आईएएस अधिकारी अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला चार माह में ही गृह विभाग से विदा हो गए। उन्हें इसी साल 19 जनवरी से गृह विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1994 बैच के ही आईएएस अधिकारी संजय शुक्ल को शिव शेखर शुक्ला की जगह अपर मुख्य सचिव गृह बनाया गया है। संजय शुक्ल पूर्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं, लेकिन उन्हें हटा दिया गया था। इसके बाद भी वे मुख्यमंत्री के विश्वसनीय बने रहे। इसी वजह से अब उन्हें गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य बनते-बनते रह गईं पूर्व महापौर
मध्य प्रदेश में राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष और एक सदस्य की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन तीन नाम का पार्टी ने चयन किया था, उनमें रेखा और साधना के अलावा ग्वालियर की पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता भी रेस में थीं। बताया जाता है कि ग्वालियर के एक मंत्री ने समीक्षा गुप्ता के नाम के आगे वीटो लगा दिया। ग्वालियर के सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि मंत्री से अनबन सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आती है, लेकिन जब भी मौका मिलता है तो दोनों एक दूसरे के खिलाफ खड़े नजर आते हैं। शायद यही वजह है कि समीक्षा राज्य महिला आयोग की सदस्य नहीं बन पाई।
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अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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चार माह में ही गृह विभाग से विदा हुए शिव शेखर शुक्ला
भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1994 बैच के आईएएस अधिकारी अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला चार माह में ही गृह विभाग से विदा हो गए। उन्हें इसी साल 19 जनवरी से गृह विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1994 बैच के ही आईएएस अधिकारी संजय शुक्ल को शिव शेखर शुक्ला की जगह अपर मुख्य सचिव गृह बनाया गया है। संजय शुक्ल पूर्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं, लेकिन उन्हें हटा दिया गया था। इसके बाद भी वे मुख्यमंत्री के विश्वसनीय बने रहे। इसी वजह से अब उन्हें गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
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राज्य महिला आयोग की सदस्य बनते-बनते रह गईं पूर्व महापौर
मध्य प्रदेश में राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष और एक सदस्य की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन तीन नाम का पार्टी ने चयन किया था, उनमें रेखा और साधना के अलावा ग्वालियर की पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता भी रेस में थीं। बताया जाता है कि ग्वालियर के एक मंत्री ने समीक्षा गुप्ता के नाम के आगे वीटो लगा दिया। ग्वालियर के सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि मंत्री से अनबन सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आती है, लेकिन जब भी मौका मिलता है तो दोनों एक दूसरे के खिलाफ खड़े नजर आते हैं। शायद यही वजह है कि समीक्षा राज्य महिला आयोग की सदस्य नहीं बन पाई।
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अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।