राज और नीति: मंत्रालय में निर्णयों को टालने का दौर खत्म
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर लंबित फाइलों के तेजी से निपटारे की चर्चा है। वहीं नरोत्तम मिश्रा से भाजपा नेताओं की मुलाकातों ने राजनीतिक हलचल बढ़ाई है। दूसरी ओर, फॉरेस्ट अफसर की कथित व्हाट्सएप चैट वायरल होने से वन विभाग में हड़कंप मचा है।
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मध्य प्रदेश में अशोक बर्णवाल के मुख्य सचिव बनने के बाद मंत्रालय में अब ऐसी कार्यप्रणाली विकसित हो रही है कि फाइलें निर्णय के अभाव में लंबित नहीं रह रही हैं। मुख्य सचिव के पास कोई फाइल रुकती नहीं है। ‘चर्चा’ लिखने के बजाय वे स्वयं फाइल में कमी के बारे में संबंधित अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव से तत्काल दूरभाष पर चर्चा कर जानकारी ले लेते हैं और तदनुसार वहीं फाइल का निपटारा हो जाता है। मंत्रालय के प्रशासनिक गलियारों में धीरे-धीरे यह संदेश जा रहा है कि उच्च स्तर पर बड़ी तेजी से लंबित फाइलों का निपटारा हो रहा है। इसलिए अब प्रत्येक स्तर पर फाइलें तेजी से दौड़ रही हैं।
वरिष्ठ नेताओं का नरोत्तम मिश्रा से मिलने के क्या हैं मायने?
मध्य प्रदेश की राजनीति में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद ऐसा माहौल बना था कि मानो नरोत्तम मिश्रा के दिन अब लद गए हैं, लेकिन ऐसा लगता नहीं है। दरअसल, ओरछा में हुई कार्यसमिति की बैठक के बाद इन दिनों भोपाल में नरोत्तम मिश्रा से भाजपा के कई वरिष्ठ नेता लगातार मिल रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विजय शाह और भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल शामिल हैं। तो क्या यह माना जाए कि ओरछा में हुई भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान नरोत्तम मिश्रा को लेकर कोई नया संदेश दिया गया है?
फॉरेस्ट अफसर की व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट वायरल
अफीम उत्पादन वाले इलाके में पदस्थ एक फॉरेस्ट अफसर इन दिनों अपनी कथित ‘राजसी डिमांड’ को लेकर चर्चा में हैं। संबंधित अधिकारी की व्हाट्सएप चैट का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया और विभागीय हलकों में वायरल होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। पता चला है कि प्रमुख सचिव वन ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल व्हाट्सएप चैट वास्तविक है या नहीं? और यदि चैट वास्तविक पाई जाती है तो उसमें की गई कथित ‘डिमांड’ पर विभाग कोई जांच कराएगा या मामला सिर्फ व्हाट्सएप की चर्चा बनकर रह जाएगा।
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