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भारत बनाम इंग्लैंड: यशस्वी की धमक पूरे खेल जगत में बदलाव का प्रतीक
सार
हमने विराट और रोहित जैसे स्टार खिलाड़ियों का एक पूरा दौर देखा है। सच कहें तो एक खेल प्रेमी के तौर पर यह हमारा दौर भी रहा है। हमें भी अब अपने आपको तैयार करना होगा कि हमारे पसंदीदा खिलाड़ियों की जगह लेने को युवा उफान और तूफान सामने आ रहा है।
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यशस्वी जायसवाल।
- फोटो : बीसीसीआई
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विस्तार
यशस्वी जायसवाल का शानदार प्रदर्शन न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए सुखद क्षण है बल्कि पूरी दुनिया के खेल जगत में हो रहे बदलावों का एक संकेत भर है। यह उस संघर्ष को बयां कहती कहानी भी है जो हिन्दुस्तान ही नहीं दुनिया के अलग-अलग कोनों में छोटे शहरों या आर्थिक तौर पर मजबूत न माने जाने वाले परिवारों के बच्चों की है। यशस्वी का एक पुराना इंटरव्यू अक्सर वायरल होता रहता है, जिसमें उन्होंने बचपन के दौर के बारे में बताया है।
सोचिए उस बालक के मन पर क्या गुजरी होगी जब उसके दोस्त मैच जीतने की पार्टी में गोलगप्पे खाने आए हों और बेचने वाला वही हो। कुछ इसी तरह से यशस्वी के दिन गुजरे हैं। ऐसा नहीं है कि यशस्वी के टेलेंट की झलक अभी मिली है, अब तो वह बड़े फलक पर अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रहे हैं। बात जब पूरी दुनिया के खेल की हो रही है तो पिछले सप्ताह ही वेस्टइंडीज के शमार जोसेफ की तेज गेंदबाजी के आगे ऑस्ट्रेलिया की टीम ने घुटने टेक दिए थे।
शमार जिस गांव में पैदा हुए हैं, वहां पर जाने का आज भी कोई सही रास्ता नहीं है। उनके गांव में इंटरनेट नहीं है। बचपन में खेत में उगने वाले फलों को गेंद की तरह फेंक कर शुरूआत करने वाला यह गेंदबाज भी आज पूरी दुनिया में पहचान बना रहा है। इंग्लैंड के युवा स्पिनर टॉम हार्टले और रेहान अहमद को भी इसी श्रेणी में रख सकते हैं।
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संभव है कि जैक लीच के बाद इंग्लैंड ही नहीं पूरी दुनिया इन युवाओं की फिरकी पर नाचे। बात क्रिकेट की नहीं पिछले रविवार को यानिक सिनर जब ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस फाइनल में दो सेट हारने के बाद वापसी करते हैं तो यह अंदाजा हो जाता है कि इस खेल की पुरानी पीढ़ी के बाद अब बदलाव का दौर आने वाला
अल्कारेज ने नडाल, फेडरर और जोकोविच की बादशाहत पहले ही छीननी शुरू कर दी थी अब सिनर जैसे युवा हर तरह से यह जगह लेने को तैयार हैं। टेनिस के तीन दिग्गजों की तरह ही भारतीय क्रिकेट भी विराट और रोहित के आगे देखने को तैयार है। अब तक कभी शुभमन तो कभी किसी और को इनकी जगह का उत्तराधिकारी माना जा रहा था लेकिन यशस्वी के उदय से संकेत है कि पूरी एक पीढ़ी खड़ी है।
हमने विराट और रोहित जैसे स्टार खिलाड़ियों का एक पूरा दौर देखा है। सच कहें तो एक खेल प्रेमी के तौर पर यह हमारा दौर भी रहा है। हमें भी अब अपने आपको तैयार करना होगा कि हमारे पसंदीदा खिलाड़ियों की जगह लेने को युवा उफान और तूफान सामने आ रहा है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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सोचिए उस बालक के मन पर क्या गुजरी होगी जब उसके दोस्त मैच जीतने की पार्टी में गोलगप्पे खाने आए हों और बेचने वाला वही हो। कुछ इसी तरह से यशस्वी के दिन गुजरे हैं। ऐसा नहीं है कि यशस्वी के टेलेंट की झलक अभी मिली है, अब तो वह बड़े फलक पर अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रहे हैं। बात जब पूरी दुनिया के खेल की हो रही है तो पिछले सप्ताह ही वेस्टइंडीज के शमार जोसेफ की तेज गेंदबाजी के आगे ऑस्ट्रेलिया की टीम ने घुटने टेक दिए थे।
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शमार जिस गांव में पैदा हुए हैं, वहां पर जाने का आज भी कोई सही रास्ता नहीं है। उनके गांव में इंटरनेट नहीं है। बचपन में खेत में उगने वाले फलों को गेंद की तरह फेंक कर शुरूआत करने वाला यह गेंदबाज भी आज पूरी दुनिया में पहचान बना रहा है। इंग्लैंड के युवा स्पिनर टॉम हार्टले और रेहान अहमद को भी इसी श्रेणी में रख सकते हैं।
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संभव है कि जैक लीच के बाद इंग्लैंड ही नहीं पूरी दुनिया इन युवाओं की फिरकी पर नाचे। बात क्रिकेट की नहीं पिछले रविवार को यानिक सिनर जब ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस फाइनल में दो सेट हारने के बाद वापसी करते हैं तो यह अंदाजा हो जाता है कि इस खेल की पुरानी पीढ़ी के बाद अब बदलाव का दौर आने वाला
अल्कारेज ने नडाल, फेडरर और जोकोविच की बादशाहत पहले ही छीननी शुरू कर दी थी अब सिनर जैसे युवा हर तरह से यह जगह लेने को तैयार हैं। टेनिस के तीन दिग्गजों की तरह ही भारतीय क्रिकेट भी विराट और रोहित के आगे देखने को तैयार है। अब तक कभी शुभमन तो कभी किसी और को इनकी जगह का उत्तराधिकारी माना जा रहा था लेकिन यशस्वी के उदय से संकेत है कि पूरी एक पीढ़ी खड़ी है।
हमने विराट और रोहित जैसे स्टार खिलाड़ियों का एक पूरा दौर देखा है। सच कहें तो एक खेल प्रेमी के तौर पर यह हमारा दौर भी रहा है। हमें भी अब अपने आपको तैयार करना होगा कि हमारे पसंदीदा खिलाड़ियों की जगह लेने को युवा उफान और तूफान सामने आ रहा है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।