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विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: लीना वर्टम्यूलर- पहली ऑस्कर नामांकित निर्देशक

Sun, 08 Jun 2025 07:45 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Sun, 08 Jun 2025 07:45 PM IST
सार

  • लीना ने तीस फिल्में निर्देशित कीं जिनमें से चार फिल्में बहुत चर्चित रहीं। 1972 में बनाई ‘द सेडक्सन ऑफ मिमी’ से उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली।
  • वह बहुत प्रतिभाशाली निर्देशक हैं। कई बार लीना की फिल्म का शीर्षक बहुत लंबा होता, जैसे उनकी 1978 की एक फिल्म का टाइटिल है, ‘दि एंड ऑफ द वर्ल्ड इन अवर यूजुअल बेड ऑन ए नाइट फुल ऑफ रेन’।

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history of world cinema Lina Wertmuller Italian film director and screenwriter
सिनेमा की दुनिया - फोटो : Freepik

विस्तार

अर्कांजेला फेलिस असुंटा वर्टम्यूलर वोन एल्ग स्पानोल वोन ब्राउइच का जन्म 14 अगस्त 1928 को इटली के रोम में हुआ था। बाद में वे लीना वर्टम्यूलर के नाम से जानी गई। इनके पिता फेडेरिको एक वकील थे और इनकी माता का नाम मारिया सांता मारिया था।

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लीना की रुचि बचपन से फिल्मों में थी, अत: उसने अपना नाम रोम के अकादमी ऑफ थियेटर में लिखा लिया और 1951 में वहां से डिग्री प्राप्त की। एक साल तक वे मारिया सिग्नोरेली पपेट ट्रूप के साथ इटली में घूमती रहीं। अगले दस साल तक अभिनेत्री, स्टेज मैनेजर, सिट डिजाइनिंग, रेडियो, टीवी, थियेटर के लिए लेखन जैसे तमाम काम किए, तब जाकर फिल्म बनाना शुरु हुआ।
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लिखने के दौरान उनका परिचय एनरिको जोब से हुआ और दोनों ने विवाह किया। एनरिको जोब उनकी सारी फिल्मों के आर्ट डॉयरेक्टर हैं। इसी तरह इटली का सर्वोत्तम स्टेज कलाकार उनकी फिल्मों का प्रधान अभिनेता रहा है।
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अपने मित्रों की सहायता से लीना का परिचय फेडेरिको फेलिनी से हुआ जिन्होंने लीना को अपना सहायक बना लिया। उन्होंने फेलिनी की 1963 क फिल्म ‘8 ½’ में उनके सहायक क भमिका निभाए। फेलिनी उनके मेंटोर बन गए। फेलिनी के लोगों की सहायता से लीना ने 1963 में अपनी पहली फीचर फिल्म ‘द लिजर्ड्स’ निर्देशित की।

तीसरी दुनिया के आम आदमी को अपनी फिल्म में प्रदर्शित करने के लिए उनकी जम कर आलोचना होती रही है। लीना ने अपना विषय सम्मान, सर्वाइवल और सेक्स रखा है, जिन्हें वे इटली की ब्लैक कॉमिक परम्परा में प्रस्तुत करती हैं।

1972 की चर्चित फिल्म-  ‘द सेडक्सन ऑफ मिमी’

लीना ने तीस फिल्में निर्देशित कीं जिनमें से चार फिल्में बहुत चर्चित रहीं। 1972 में बनाई ‘द सेडक्सन ऑफ मिमी’ से उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली। इसमें एक गरीब सिसिलियन मजदूर अपनी पत्नी, सरकार और माफिया के खिलाफ चुनाव में एक कम्यूनिस्ट उम्मीदवार का समर्थन करता है। उनकी फिल्म ‘स्वैप्ट अवे’ ने भी खूब बहस को उकसाया था।

बहुत सारी स्त्रियों को उनकी फिल्मों में प्रस्तुत की गई स्त्री छवि पर आपत्ति है। लेकिन 1976 में बनाई फिल्म ‘सेवेन ब्यूटीज’ से इन्हें खूब प्रशंसा मिली, आज इसे लीना वर्टम्यूलर का मास्टरपीस कहा जाता है। इसे ऑस्कर के लिए नामित किया गया था। वे पहली महिला थीं, जिन्हें इस श्रेणी में नामांकन मिला है।

history of world cinema Lina Wertmuller Italian film director and screenwriter
लीना वर्टम्यूलर और फिल्में - फोटो : Adobe Stock

बहुत लंबे शीर्षक वाली फिल्में

लीना वर्टम्यूलर बहुत प्रतिभाशाली निर्देशक हैं। कई बार लीना की फिल्म का शीर्षक बहुत लंबा होता है, जैसे उनकी 1978 की एक फिल्म का टाइटिल है, ‘दि एंड ऑफ द वर्ल्ड इन अवर यूजुअल बेड ऑन ए नाइट फुल ऑफ रेन’। अगर वे टैलेंटेड नहीं होती तो वार्नर ब्रदर्स कभी उन्हें फिल्म बनाने का दायित्व न सौंपते।

वार्नर ब्रदर्स ने उन्हें चार फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। मगर वे उनके लिए एक फिल्म बना कर अलग हो गईं। वार्नर ब्रदर्स के साथ उनकी पहली और आखरी फिल्म थी, ‘द नाइट फुल ऑफ रेन’ (‘दि एंड ऑफ द वर्ल्ड इन अवर यूजुअल बेड ऑन ए नाइट फुल ऑफ रेन’)। इंग्लिश भाषा की यह उनकी पहली थी।

हालांकि फिल्म 28 वें बर्लिन अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में गई, वहां उन्हें गोल्डन बेयर का नामांकन भी मिला। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर सफल न हो सकी। सफल न होने के कारण वार्नर ब्रदर्स ने उनका करारनामा रद्द कर दिया। लीना भी खुश नहीं थीं, वहां काम करके। स्टडियो से उनके सृजनात्मक मतभेद थे, वे सृजनात्मक स्वतंत्रता चाहती थीं।

‘दि एंड ऑफ द वर्ल्ड इन अवर यूजुअल बेड ऑन ए नाइट फुल ऑफ रेन’ (‘ए नाइट फुल ऑफ रेन’ नाम से प्रचलित) फिल्म में एक कम्युनिस्ट पत्रकार एवं एक अमेरिकन लिबरल फोटोग्राफर आपस में प्रेम तथा जीवन को लेकर अपने भिन्न विचारों के कारण बहस करते हैं।

लीना की अन्य फिल्मों की तरह यहां भी राजनीति का बोलबाला है। कुल 33 फिल्मों का निर्देशन एवं 38 फिल्मों का लेखन उनके नाम पर दर्ज है।

‘समर नाइट’ (‘समर नाइट विद ग्रीक प्रोफाइल, आमंड आईज एंड सेन्ट बएसिल’), ‘फेर्नांडो एंड कैरोलेना’, ‘लव एंड अनार्की’ तथा ‘ऑल स्क्रूड अप’ उनकी कुछ अन्य प्रसिद्ध फिल्मों के नाम हैं। उन्हें दो बार ऑस्कर का नामांकन (1977 में ‘सेवन ब्यूटीज’ तथा इसी फिल्म के लिए स्क्रीनप्ले हेतु) मिला और 92 साल की उम्र में,  2020 अंतत: में उन्हें ऑनरेरी ऑस्कर प्राप्त हुआ।

बचपन से नृत्य-गान में प्रवीण लीना वर्टम्यूलर की फिल्में सामाजिक अन्याय, लैंगिक भूमिका और जीवन की विडम्बनाओं के इर्द-गिर्द घूमती हैं। उन्होंने 2004 में अपनी अंतिम फिल्म निर्देशित की थी, फिल्म का नाम है, ‘टू मच रोमांस...इट्स टाइम फॉर स्टफ्ड पेपर्स’ (एक बार फिर लंबा टाइटिल)।

ऑस्कर प्राप्ति के एक साल बाद 9 दिसम्बर 2021 को 93 साल की पकी उमर में रोम में इटैलियन सिनेमा की यह आख्यायिका लीना वर्टम्यूलर गुजर गईं।


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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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