झज्जर। श्री राम धर्मशाला में चल रही विष्णु पुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास स्वामी उमानंद ने भगवान विष्णु की महिमा, उनके विभिन्न अवतारों और विष्णु पुराण के महत्व का वर्णन किया। इस दौरान पंडाल भगवान विष्णु के जयकारों से गूंज उठा।
स्वामी उमानंद ने कहा कि विष्णु पुराण मनुष्य को धर्म, सत्य, सदाचार, सेवा और परोपकार का मार्ग दिखाता है। भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं। जब-जब अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। जरूरतमंदों की सहायता, माता-पिता व बुजुर्गों का सम्मान, जीव-जंतुओं के प्रति दया और समाज में प्रेम-भाईचारा बनाए रखना भी भगवान की सच्ची सेवा है। कथा के बीच भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और भक्ति में झूमते नजर आए। आयोजक मानस मित्र संघ ने बताया कि कथा का समापन 9 अक्तूबर को अटूट भंडारे के साथ होगा।