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गर्मी से अंगारों में तब्दील हुए देवभूमि के जंगल
ब्यूरो / अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Wed, 13 Apr 2016 12:19 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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देवभूमि उत्तराखंड के जंगल गर्मी से अंगारों में तब्दील हो रहे हैं। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के रुद्रप्रयाग रेंज के तूना-बौंठा मोटर मार्ग से लगे चीड़ के जंगल में मंगलवार देर रात आग लग गई। जिससे रातभर जंगल जलता रहा। आग इतनी भयानक थी कि वातावरण में सुबह तक धुंध छाई रही।
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उधर, लोहाघाट की वन पंचायत टमटकांडे में भड़की आग से लगभग चार हेक्टेयर से अधिक चीड़ का जंगल जल गया है। सूचना मिलने पर रेंजर दीप जोशी के नेतृत्व में वन कर्मी अमित पंत, अब्दुल अजीज, बालम सिंह, मोहन चंद्र राय, रमेश जोशी, संजय सिंह आदि मौके में पहुंच गए। हालांकि आग बुझ गई है। बारिश न होने के कारण चीड़ के जंगल बारूद के ढेर बने हुए हैं।
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जहां बगैर ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाना काफी मुश्किल बना हुआ है। क्षेत्र में चीड़ के जंगलों की बाहुल्यता है। महाकाली से लगे नेपाली क्षेत्र में भी दावाग्नि से जंगल धूंधूं कर जल रहे हैं। उधर, ग्रामीण जन जागरूकता के कारण वन पंचायत फोर्ती और अद्वैत आश्रम मायावती के जंगलों में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
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रेंजर दीप जोशी का कहना है कि यदि फोर्ती और मायावती वन पंचायतों के लोगों की तरह अन्य क्षेत्रों के लोग आग बुझाने में सहयोग करें तो इससे वनों को बचाना संभव हो सकता है।
आग की भेंट चढ़ा 10 हेक्टेयर जंगल
पिथौरागढ़ में सोमवार को 130 प्रादेशिक सेना (पर्यावरण बटालियन) के मिलम कंपनी के तल्ला गुरना स्थित जंगल में अचानक आग भड़क गई। कई घंटों की मशक्कत के बाद बटालियन के जवानों ने आग पर काबू पाया। तब तक करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में 10,000 पौधे जल गए। बटालियन ने अज्ञात लोगों पर जंगल में आग लगाने की आशंका जताई है।
बटालियन के सूबेदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 11 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे तल्ला गुरना में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किए जंगल में अचानक आग लग गई। जब तक कोई उपाय करते आग काफी भड़क चुकी थी। बताया कि कई घंटे की मेहनत के बाद जवानों ने आग पर काबू पाया।
आग बुझाने में स्थानीय लोगों का कतई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में तल्ला गुरना में 150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधरोपण किया गया था। पौधे पेड़ों का रूप लेने लगे हैं। आग की घटना से जंगल को नुकसान पहुंचा है। जंगलों की आग से संपूर्ण जिले में धुंध ही धुंध छाई है।