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दुलीना जेल में योग और प्राणायाम से हुई दिन की शुरुआत
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19jjrp17- झज्जर। दुलीना जेल में योगासन करते बंदी। स्रोत- आयोजनकर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। सेवा संकल्प अभियान के तहत दुलीना जेल में दिन की शुरुआत योग और प्राणायाम के साथ हुई। जेल अधीक्षक सेवा सिंह की देखरेख में आयोजित योग शिविर में बंदियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। शिविर में जेल के अधिकारी और कर्मचारी भी बंदियों के साथ शामिल हुए।
सुबह आयोजित इस शिविर के दौरान बंदियों को विभिन्न योग क्रियाओं और आसनों का अभ्यास कराया गया। साथ ही, प्राणायाम के माध्यम से नियमित शारीरिक गतिविधियों को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। बंदियों ने अनुशासन और उत्साह के साथ योगाभ्यास में भाग लिया।
जेल प्रशासन की ओर से बंदियों को नियमित योग और व्यायाम के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि शारीरिक गतिविधियां दैनिक जीवन में अनुशासन बनाए रखने में सहायक होती हैं।
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जेल अधीक्षक सेवा सिंह ने कहा कि शिविर में बंदियों ने विभिन्न योगासन करने के साथ प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि जेल में बंदियों की दैनिक दिनचर्या में अनुशासन का विशेष महत्व है। इसी उद्देश्य से योग और व्यायाम को नियमित गतिविधि के रूप में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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झज्जर। सेवा संकल्प अभियान के तहत दुलीना जेल में दिन की शुरुआत योग और प्राणायाम के साथ हुई। जेल अधीक्षक सेवा सिंह की देखरेख में आयोजित योग शिविर में बंदियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। शिविर में जेल के अधिकारी और कर्मचारी भी बंदियों के साथ शामिल हुए।
सुबह आयोजित इस शिविर के दौरान बंदियों को विभिन्न योग क्रियाओं और आसनों का अभ्यास कराया गया। साथ ही, प्राणायाम के माध्यम से नियमित शारीरिक गतिविधियों को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। बंदियों ने अनुशासन और उत्साह के साथ योगाभ्यास में भाग लिया।
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जेल प्रशासन की ओर से बंदियों को नियमित योग और व्यायाम के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि शारीरिक गतिविधियां दैनिक जीवन में अनुशासन बनाए रखने में सहायक होती हैं।
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जेल अधीक्षक सेवा सिंह ने कहा कि शिविर में बंदियों ने विभिन्न योगासन करने के साथ प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि जेल में बंदियों की दैनिक दिनचर्या में अनुशासन का विशेष महत्व है। इसी उद्देश्य से योग और व्यायाम को नियमित गतिविधि के रूप में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।