{"_id":"6ab97df1c7364f7f5108ba94","slug":"sumit-nagal-to-compete-in-the-asian-games-for-the-third-time-today-jhajjar-news-c-195-1-jjr1003-140498-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरी बार एशियाई खेलों में आज उतरेंगे सुमित नागल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरी बार एशियाई खेलों में आज उतरेंगे सुमित नागल
विज्ञापन
27jjrp13- झज्जर। सुमित नागल
- फोटो : File Photo
झज्जर। पहले दो एशियाई खेलों में क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करने के बाद अब तीसरी बार जिले के गांव जैतपुर निवासी सुमित नागल स्वर्ण पदक की उम्मीद के साथ जापान में खेलने उतरेंगे। परिवार सहित अन्य लोगों को भी सुमित नागल से स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
सुमित नागल एशियाई खेलों में टेनिस में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उन्हें रविवार को होने वाले पहले मैच, राउंड ऑफ 64 में बाई मिली है। अब उनका अगला मुकाबला 28 सितंबर, सोमवार को राउंड ऑफ 32 में दक्षिण कोरिया के खिलाड़ी सियोंग-चान होंग के साथ होगा। इस बार के एशियाई खेलों में सुमित नागल कड़े अभ्यास के बाद खेलने उतर रहे हैं।
सुमित नागल के पिता सुरेश नागल दिल्ली सरकार के स्कूल में इसी वर्ष अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी माता कृष्णा देवी गृहिणी हैं। सुमित के पिता सुरेश ने बताया कि उन्होंने सात वर्ष की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया था। इसके बाद से सुमित ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। सुमित नागल अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं जीत चुके हैं। इसके अलावा वह दो बार ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुके हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि टेनिस एक गेंद का खेल है। जिस खिलाड़ी की एक गेंद अच्छी पड़ जाए, मैच उसी के पक्ष में चला जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्यवाणी तो नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें स्वर्ण पदक की पूरी उम्मीद है। अब सुमित नागल के खेल पर निर्भर है कि वह कैसा प्रदर्शन करते हैं। टेनिस के सभी मुकाबले नॉकआउट चरण में आयोजित किए जाएंगे। जो भी खिलाड़ी हारेंगे, वे प्रतियोगिता से बाहर हो जाएंगे।
विज्ञापन
सुमित नागल एशियाई खेलों में टेनिस में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उन्हें रविवार को होने वाले पहले मैच, राउंड ऑफ 64 में बाई मिली है। अब उनका अगला मुकाबला 28 सितंबर, सोमवार को राउंड ऑफ 32 में दक्षिण कोरिया के खिलाड़ी सियोंग-चान होंग के साथ होगा। इस बार के एशियाई खेलों में सुमित नागल कड़े अभ्यास के बाद खेलने उतर रहे हैं।
विज्ञापन
सुमित नागल के पिता सुरेश नागल दिल्ली सरकार के स्कूल में इसी वर्ष अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी माता कृष्णा देवी गृहिणी हैं। सुमित के पिता सुरेश ने बताया कि उन्होंने सात वर्ष की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया था। इसके बाद से सुमित ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। सुमित नागल अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं जीत चुके हैं। इसके अलावा वह दो बार ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुके हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि टेनिस एक गेंद का खेल है। जिस खिलाड़ी की एक गेंद अच्छी पड़ जाए, मैच उसी के पक्ष में चला जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्यवाणी तो नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें स्वर्ण पदक की पूरी उम्मीद है। अब सुमित नागल के खेल पर निर्भर है कि वह कैसा प्रदर्शन करते हैं। टेनिस के सभी मुकाबले नॉकआउट चरण में आयोजित किए जाएंगे। जो भी खिलाड़ी हारेंगे, वे प्रतियोगिता से बाहर हो जाएंगे।