फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Mission 2019 bjp president amit shah to meet jdu chief nitish kumar in patna today

एनडीए में डिनर से पहले दरार, केन्द्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा का भोज में शामिल होने से इंकार

Thu, 07 Jun 2018 03:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Updated Thu, 07 Jun 2018 03:05 PM IST
विज्ञापन
Mission 2019 bjp president amit shah to meet jdu chief nitish kumar in patna today
उपेंद्र कुशवाहा

लोकसभा चुनाव से पहले हिस्सेदारी को लेकर राजग में चल रहे विवाद के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज पटना आ रहे हैं। वहीं रालोसपा के अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा आज पटना में आयोजित राजग के भोज में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। भाजपा आज सहयोगी दलों के लिए पटना में भव्य भोज का आयोजन किया है। इस मौके पर राजग के अंदर उभरे मतभेदों को व्यक्त कर रहे नेताओं से मुलाकात कर गठबंधन की मजबूती पर बल देने की कवायद माना जा रहा है। लेकिन भोज से पहले ही भाजपा को उपेंद्र कुशवाहा ने झटका दे दिया है।

विज्ञापन


इस भोज में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री व लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान तथा केंद्रीय मंत्री व रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा हिस्सा लेंगे। इस संबंध में पार्टी के एक नेता ने कहा है कि भाजपा महासचिव और पार्टी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय और राजग के अन्य सहयोगी भी भोज में हिस्सा लेंगे।
विज्ञापन


वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि नीतीश कुमार महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं। हमने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इससे कम सीटों पर चुनाव लड़ने का कोई सवाल ही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए नीतीश कुमार की छवि का फायदा उठाना चाहता है तो उसे जेडीयू के साथ न्याय करना होगा। उन्होंने कहा कि हम विचारधारा और नीतियों के आधार पर एनडीए के साथ हैं, लेकिन यह कहना झूठ नहीं होगा कि हमारे साथ अन्याय हुआ है। हमें जिस तरह से प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले चुनाव में लोजपा पांच और रालोसपा ने तीन सीटों पर जीत हासिल की थी। अगर सीटिंग फार्मूले पर हिस्सेदारी की बात होती है, तो जदयू को नौ से अधिक सीट मिलना असंभव है, जबकि जदयू की बात अगर सुनी जाएगी तो भाजपा को अपने आठ सांसदों की बलि देनी पड़ सकती है। ऐसे में 15-15 सीटों पर भाजपा, पांच सीटों पर लोजपा, तीन सीटों पर रालोसपा और एक-एक सीट अरुण कुमार और पप्पू यादव जैसों के लिए छोड़ा जा सकता है। 


जानकारों का कहना है कि ऐसे किसी फार्मूले पर भाजपा शायद ही राजी हो। यह सच है कि उपचुनाव के बाद भाजपा कमजोर हुई है, लेकिन इतनी भी कमजोर नहीं हुई है कि वो अपने घटक दलों के आगे घुटने टेक दे। अपनी ताकत को साधने के लिए ही भाजपा प्रमुख अमित शाह ने सहयोगी दलों से संपर्क साधने का अभियान चलाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed