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Indore News: महू-ओंकारेश्वर ट्रेन अब नहीं चलेगी, 146 साल पुराना सफर बंद होगा
Fri, 13 Jan 2023 05:56 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 13 Jan 2023 05:56 PM IST
सार
1 फरवरी से महू-सनावद सेक्शन के बीच चल रही मीटरगेज की ट्रेनें बंद करने के लिए रेलवे ने आदेश जारी किया है। यहां पर ब्रॉडगेज ट्रैक का काम पूरा हो रहा है जिसके बाद मीटरगेज की ट्रेन का यह सफर इतिहास बन जाएगा।
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देश में कई जगह पर पुराने ट्रेन को रूट को बंद किया जा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
देश में कई जगह पर पुराने ट्रेन को रूट को बंद किया जा रहा है। इसी तरह का मामला महू-ओंकारेश्वर का है। 1 फरवरी से महू-सनावद सेक्शन के बीच चल रही मीटरगेज की ट्रेनें बंद करने के लिए रेलवे ने आदेश जारी किया है। यहां पर ब्रॉडगेज ट्रैक का काम पूरा हो रहा है जिसके बाद मीटरगेज की ट्रेन का यह सफर इतिहास बन जाएगा। इसके बीच रेलने ने कहा है कि महू-कालाकुंड के बीच चलने वाली हेरिटेज ट्रेन का सफर चलता रहेगा।
1877 में तैयार किया था ट्रैक
इंदौर-खंडवा के बीच मीटरगेज ट्रैक 1877 में तैयार हुआ था। इस हिसाब से देखा जाए तो मीटरगेज ट्रेनों का यह सफर 146 साल पुराना है।
होलकर स्टेट ने रेलवे ट्रैक के लिए दिया था एक करोड़ रुपए का लोन
बताया जाता है कि उस वक्त मात्र चार साल में ही ब्रिटिश सरकार ने यह ट्रैक तैयार कर लिया था। यह ट्रैक इसलिए भी जटिल था क्योंकि इसके रास्ते में घने जंगल और पहाड़ भी आते हैं। रेलवे एक्सपर्ट नागेश नामजोशी बताते हैं कि इसके संचालन के लिए होलकर स्टेट ने एक करोड़ रुपए का लोन ब्रिटिश सरकार को दिया था। महू-ओंकारेश्वर के बीच मीटरगेज ट्रेन बंद होने के बाद रतलाम रेल मंडल से मीटरगेज की ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद हो जाएगा।
ओंकारेश्वर रोड से महू वाली ट्रेन में भी यात्री कम
ओंकारेश्वर रोड से महू के बीच एक मीटरगेज ट्रेन चल रही है और इसमें भी यात्री कम रहते हैं। रेलवे के द्वारा बीच में इसे बंद कर दोबारा चलाना शुरू किया गया था। इस ट्रेन में 20-25 यात्री ही सफर कर रहे थे। तीज-त्योहार और पर्व विशेष पर ही यात्रियों की संख्या ज्यादा होती थी, बाकी दिन ट्रेन खाली चल रही थी।
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महू के आगे घाट का जटिल काम बाकि
महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज सेक्शन में रेलवे ने खंडवा से सनावद के बीच ब्रॉडगेज का बचा हुआ पांच किमी का काम पूरा कर लिया है। इस हिस्से में 46 में से 41 किमी का काम पहले ही पूरा कर लिया था। अब महू के आगे घाट सेक्शन का काम बाकी है। गेज कन्वर्जन में यह काम सबसे चुनौतीपूर्ण है।
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1877 में तैयार किया था ट्रैक
इंदौर-खंडवा के बीच मीटरगेज ट्रैक 1877 में तैयार हुआ था। इस हिसाब से देखा जाए तो मीटरगेज ट्रेनों का यह सफर 146 साल पुराना है।
होलकर स्टेट ने रेलवे ट्रैक के लिए दिया था एक करोड़ रुपए का लोन
बताया जाता है कि उस वक्त मात्र चार साल में ही ब्रिटिश सरकार ने यह ट्रैक तैयार कर लिया था। यह ट्रैक इसलिए भी जटिल था क्योंकि इसके रास्ते में घने जंगल और पहाड़ भी आते हैं। रेलवे एक्सपर्ट नागेश नामजोशी बताते हैं कि इसके संचालन के लिए होलकर स्टेट ने एक करोड़ रुपए का लोन ब्रिटिश सरकार को दिया था। महू-ओंकारेश्वर के बीच मीटरगेज ट्रेन बंद होने के बाद रतलाम रेल मंडल से मीटरगेज की ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद हो जाएगा।
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ओंकारेश्वर रोड से महू वाली ट्रेन में भी यात्री कम
ओंकारेश्वर रोड से महू के बीच एक मीटरगेज ट्रेन चल रही है और इसमें भी यात्री कम रहते हैं। रेलवे के द्वारा बीच में इसे बंद कर दोबारा चलाना शुरू किया गया था। इस ट्रेन में 20-25 यात्री ही सफर कर रहे थे। तीज-त्योहार और पर्व विशेष पर ही यात्रियों की संख्या ज्यादा होती थी, बाकी दिन ट्रेन खाली चल रही थी।
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महू के आगे घाट का जटिल काम बाकि
महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज सेक्शन में रेलवे ने खंडवा से सनावद के बीच ब्रॉडगेज का बचा हुआ पांच किमी का काम पूरा कर लिया है। इस हिस्से में 46 में से 41 किमी का काम पहले ही पूरा कर लिया था। अब महू के आगे घाट सेक्शन का काम बाकी है। गेज कन्वर्जन में यह काम सबसे चुनौतीपूर्ण है।