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मनु भाकर और पवन सहरावत ने एशियन गेम्स में भारतीय दल की अगुआई की

Amar Ujala Bureau Updated Sat, 19 Sep 2026 09:07 PM IST
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Manu Bhaker and Pawan Sehrawat led the Indian contingent at the Asian Games.
19jjrp14- जापान में आयोजित खेलों में भारतीय झंडा उठाती मनु भाकर व अन्य ​खिलाड़ी। स्रोत : सोशल म
संवाद न्यूज एजेंसी
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साल्हावास। ओलंपिक में दोहरा कांस्य पदक विजेता मनु भाकर को शनिवार को एक और बड़ा सम्मान मिला है। जापान के आईची-नागोया शहर में एशियन गेम्स 2026 के उद्घाटन समारोह में उन्हें भारतीय दल का ध्वजवाहक बनाया गया। स्टार शूटर मनु भाकर ने दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत के साथ तिरंगा थामकर दल की अगुआई की।
मनु भाकर के हाथों में तिरंगा देखकर उनके क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी माता सुमेधा भाकर और पिता रामकिशन भाकर ने इसे गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपने देश के दल का ध्वजवाहक बने। देश का झंडा उठाकर नेतृत्व करना उससे भी बड़ी बात है। ध्वजवाहक बनने के बाद मनु की देश के प्रति जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मनु ने ध्वजवाहक चुने जाने पर गर्व और खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने शुरुआती दिनों की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस मुकाम तक पहुंच पाएंगी।
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मनु भाकर की प्रमुख उपलब्धियां
मनु भाकर पेरिस ओलंपिक 2024 में दोहरा कांस्य पदक जीतकर स्वतंत्र भारत में एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली एथलीट बनीं। वह ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर भी हैं। उन्होंने एशियन गेम्स 2022 में 25 मीटर पिस्टल दल में स्वर्ण पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेल 2018 में स्वर्ण और रिकॉर्ड तथा युवा ओलंपिक 2018 में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। 16 साल की उम्र में विश्व कप स्वर्ण जीतने वाली वह सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी हैं।
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2018 एशियन गेम्स का अनुभव
मनु भाकर को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न 2024, अर्जुन पुरस्कार और भीम पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 2018 एशियन गेम्स के दौरान वह 16 साल की थीं। तब वह उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो पाई थीं। उनके कोच जसपाल राणा ने उन्हें सलाह दी थी कि प्रतियोगिताओं से पहले शारीरिक चुनौतियों के कारण ध्वजवाहक न होने पर ऐसे समारोहों में शामिल न हों।
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