{"_id":"5a8ab28a4f1c1b410b8b9d7d","slug":"indian-sukhoi-landed-at-jollygrant-airport","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर क्यों भारत ने चीन सीमा के पास उतारी सुखोई विमानों की टोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर क्यों भारत ने चीन सीमा के पास उतारी सुखोई विमानों की टोली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 19 Feb 2018 04:54 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत और चीन दोनों अपने सुरक्षा तंत्र को मजबूत कर रहे हैं। इसके लिए दोनों देशों की तरफ से सुरक्षा संसाधनों और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। दोनों ही देश बॉर्डर तक रेल, सड़क और हवाई यातायात को बेहतर बनाने में जुटे हैं।
इसी क्रम में भारत ने सोमवार को चीन सीमा के पास जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सुखोई उतारा। पिछले काफी समय से यहां सुखोई उतारे जाने की तैयारी थी। सोमवार दोपहर सुखोई ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की।
चीन सीमा का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट होने के चलते जौलीग्रांट सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। सीमा पर किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर यहां से सबसे जल्दी वहां पहुंचा जा सकता है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भारतीय वायुसेना अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास उपलब्ध विकल्पों का परीक्षण कर रही है।
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वायु सेना की ओर से बताया गया था कि नागरिक हवाई अड्डे को वायुसेना के लिहाज से सक्रिय करने के लिए दो एसयू-30 एमकेआई विमानों की टुकड़ी जौलीग्रांट एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी।
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इसी क्रम में भारत ने सोमवार को चीन सीमा के पास जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सुखोई उतारा। पिछले काफी समय से यहां सुखोई उतारे जाने की तैयारी थी। सोमवार दोपहर सुखोई ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की।
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चीन सीमा का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट होने के चलते जौलीग्रांट सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। सीमा पर किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर यहां से सबसे जल्दी वहां पहुंचा जा सकता है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भारतीय वायुसेना अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास उपलब्ध विकल्पों का परीक्षण कर रही है।
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वायु सेना की ओर से बताया गया था कि नागरिक हवाई अड्डे को वायुसेना के लिहाज से सक्रिय करने के लिए दो एसयू-30 एमकेआई विमानों की टुकड़ी जौलीग्रांट एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी।