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Khargone: सरकारी स्कूल की प्रधान अध्यापिका ने जाति प्रमाण पत्र के नाम पर छात्रों से लिए 250 रुपये, हुई निलंबित
Sat, 20 Jul 2024 08:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
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Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2024 08:27 AM IST
सार
MP: प्रधान अध्यापिका स्नेहलता पंवार को निलंबित किया गया है। इस स्कूल के एक छात्र के परिजन का आरोप था कि शिक्षिका छात्रों से जाति प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर 250 रुपये की मांग कर रही थीं। जिस पर उन्होंने उस शिक्षिका को 250 रुपये दिए हैं ।
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स्कूल की शिक्षिका ने छात्रों से जाति प्रमाण पत्र के लिए 250 रु
विस्तार
खरगोन जिले के बड़वाह ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले हीरापुर संकुल के ग्रामीण अंचल नलवा गांव, के शासकीय माध्यमिक विद्यालय की प्रधान अध्यापिका स्नेहलता पंवार को निलंबित किया गया है। दरअसल इस स्कूल के एक छात्र के परिजन का आरोप था कि, शिक्षिका स्नेहलता छात्रों से जाति प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर 250 रु की मांग कर रही थीं, जिस पर उन्होंने उस शिक्षिका को 250 रु दिए हैं। हालांकि ऐसा करते समय उन्होंने शिक्षिका का वीडियो भी बना लिया था, जोकि सोशल मीडिया पर जाति प्रमाण पत्र के ढाई सौ रुपए लिए जा रहे के नाम से जमकर वायरल भी हुआ था। वीडियो सामने आने पर की गई विभागीय जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के आधार पर जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने स्कूल की प्रधान अध्यापिका स्नेहलता पंवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच में शिक्षिका को पाया गया था दोषी
इधर इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एस के कानुड़े ने बताया कि शासकीय माध्यमिक विद्यालय नलवा की शिक्षिका स्नेहलता पंवार हैं, जिनके पास कोई बालक जाति प्रमाण पत्र बनवाने आया था। उस समय उन्होंने 150 या 250 रुपए की मांग की थी। इसका एक वीडियो भी दिखाया गया है, जिसमें उन्हें पैसे लेते हुए दिखाया गया है। उस पर से शिक्षिका के विरुद्ध हमने कार्रवाई कर दी है, और उन्हें निलंबित कर दिया है।
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जांच में शिक्षिका को पाया गया था दोषी
इधर इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एस के कानुड़े ने बताया कि शासकीय माध्यमिक विद्यालय नलवा की शिक्षिका स्नेहलता पंवार हैं, जिनके पास कोई बालक जाति प्रमाण पत्र बनवाने आया था। उस समय उन्होंने 150 या 250 रुपए की मांग की थी। इसका एक वीडियो भी दिखाया गया है, जिसमें उन्हें पैसे लेते हुए दिखाया गया है। उस पर से शिक्षिका के विरुद्ध हमने कार्रवाई कर दी है, और उन्हें निलंबित कर दिया है।
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