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स्कूल में धमका गुलदार, मची अफरातफरी
ब्यूरो/अमर उजाला, यमकेश्वर/कोटद्वार
Updated Sat, 09 Jul 2016 10:48 PM IST
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गुलदार
- फोटो : file photo
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यमकेश्वर ब्लाक के तल्ला ढांगू के कोटा गांव में गुलदार का खतरा फिर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को करीब साढ़े 11 बजे गुलदार गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में आ धमका। गनीमत रही कि भोजन माता ने उसे देख लिया और शोर मचा कर सबको सचेत किया।
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गुलदार की धमक से स्कूल में अफरातफरी मच गई। शिक्षक और भोजन माताओं ने किसी तरह तीस बच्चों को सुरक्षित गांव तक पहुंचाया। स्कूली बच्चों की सुरक्षा की खातिर कक्षाओं को गांव के बीच में स्थित पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया है।
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राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन से सटे कोटा गांव में बारह जून को गुलदार के हमले का शिकार बने दस वर्षीय अभिषेक की मौत की घटना के करीब एक महीने बाद भी जिला प्रशासन ने कोई सबक नही लिया। गुलदार की दहशत के चलते अब तक गांव से तीन परिवार पलायन कर चुके हैं। खतरा बढ़ता ही जा रहा है।
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शुक्रवार को दिन दहाड़े गुलदार राजकीय प्राथमिक विद्यालय की दीवार पर घात लगाकर बैठ गया। वहां काम रही भोजन माता सीता देवी और राजी देवी की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तुुरंत शोर मचाकर सबको सचेत किया। प्रधानाध्यापिका अंजना रतूडी ने बताया कि बच्चों को किसी तरह सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया गया। स्कूल गांव से करीब एक किलोमीटर दूर है और अलग-अलग तोकों से आने वाले बच्चे जंगल का रास्ता तय करके आते हैं।
खतरे को देखते हुए ग्राम पंचायत ने स्कूल की कक्षाओं को गांव के बीच में स्थित पंचायत भवन में शिफ्ट करा दिया है। राजस्व उपनिरीक्षक दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई है।
तोंक छोड़कर गांव में आया परिवार
गुलदार हमले से दहशतजदा मेहरबान सिंह और उनका छोटा भाई सहदेव सिंह अपने परिवार समेत पहले ही गांव छोड़ चुके हैं। अब गांव के एक छोर में स्थित कल्थरी तोक को छोड़कर प्रवीण सिंह भी परिवार समेत गांव में आ गए। ग्राम प्रधान प्रभा देवी ने बताया कि दहशत का आलम है कि लोग दिन में भी खेतों में काम करने नहीं जा रहे हैं। यही हाल रहा तो गांव के सभी लोग पलायन करने को मजबूर होंगे।
गुलदार के साथ हाथी की भी दहशत
गुलदार के साथ हाथी भी गांव में दहशत का पर्याय बना हुआ है। शुक्रवार को हाथी ने गांव के कल्थरी तोक में जमकर उत्पात मचाया और गंगा सिंह, मेहताब सिंह के खेत की धान, मक्का, दाल आदि फसल चट कर दी। रेंज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद नौटियाल ने बताया कि सूचना पर वन कर्मियों को भेजा गया और नुकसान का आकलन किया गया है।
बैठक कर रोष जताया
शासन-प्रशासन की बेरुखी पर ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने रोष जताया है। बैठक आयोजित कर उप प्रधान, उर्मिला देवी, सहदेव सिंह राणा, रमेश सिंह, लक्ष्मी देवी, सुषमा देेवी, राजपाल सिंह आदि लोगों ने कहा कि गुलदार केे आदमखोर घोषित करने की महज खानापूर्ति की गई है। न शिकारी दल गांव में आ रहा है और न प्रशासन गांव वालों की सुध लेने को तैयार है। जिला पंचायत सदस्य गीता राणा ने बताया कि उन्होने दूरभाष पर एसडीएम कोटद्वार और जिलाधिकारी को घटना की जानकारी दी है।
कब क्या हुआ
12 जून को गुलदार ने दस वर्षीय अभिषेक को निवाला बनाया।
13 जून को पार्क प्रशासन ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर शिकारी टीम गांव में भेजी।
16 जून को शिकारी टीम लौटी।
22 जून को गुलदार का शिकार अभिषेक के परिवार ने गांव छोड़ने का फैसला किया।
24 जून दहशतजदा मेहरबान सिंह और उनके भाई सहदेव सिंह ने गांव छोड़कर गुमानीवाला, ऋषिकेश में किराए पर कमरा लिया।
आठ जुलाई को राजकीय प्राथमिक विद्यालय में धमका गुलदार। विद्यालय के 30 बच्चों की जान खतरे में आई।