आम पब्लिक के लिए बड़ी राहत, शहर की सभी पेड पार्किंग होंगी फ्री
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नगर निगम शहर की सभी पेड पार्किंग को फ्री करने जा रहा है। प्रशासन ने भी निगम के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस समय शहर की 24 पार्किंग में से 15 खाली पड़ी हैं, जिन्हें निगम ने कोई पॉलिसी न बनने के कारण फिर से नीलाम नहीं किया है। मगर अब निगम शहर की सभी पेड पार्किंग को चलाने के लिए कंपनियों को देने की तैयारी कर रहा है।
अलग-अलग कंपनियों के साथ निगम अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है, जिसमें कंपनियों ने पार्किंग चलाने के अपने-अपने ऑफर दिए हैं। कंपनियों को पार्किंग में विज्ञापन की मंजूरी दी जाएगी। एक कंपनी ने तो पार्किंग में वॉशिग सेंटर भी बनाने का ऑफर दिया है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
कई कंपनियों ने अपनी प्रेजेंटेशन में कर्मचारियों की वर्दी और चालक को दिए जाने वाले टोकन पर भी विज्ञापन लगाने की बात कही है। निगम के अनुसार डेढ़ से दो माह के भीतर पॉलिसी बनाकर चालकों को निशुल्क पार्किंग की सुविधा दे दी जाएगी।
मल्टीलेवल पार्किंग भी तीन माह तक फ्री
इसी माह के अंत में सेक्टर-17 की शुरू होने वाली शहर की पहली मल्टीलेवल पार्किंग का भी उद्घाटन किया जा रहा है। यह मल्टीलेवल पार्किंग भी तीन माह के लिए निशुल्क चलाने का निर्णय लिया गया है। यह भी चलाने के लिए एक कंपनी को दी जा रही है। निगम के अनुसार सभी पार्किंग स्थल कंपनियों को देने से रेवेन्यू में भी कोई कमी नहीं होगी। ठेकेदारों से होने वाली इनकम विज्ञापन कंपनियों से हो जाएगी।
छह माह से कई पार्किंग खाली, डेढ़ करोड़ का नुकसान
निगम को हर साल पेड पार्किंग की नीलामी से 3 करोड़ की कमाई होती है, लेकिन पिछले छह माह से कई पार्किंग खाली रहने से डेढ़ करोड़ का नुकसान भी हो चुका है। इससे पहले पिछले साल सदन की बैठक में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो पार्किंग विज्ञापन कंपनियों द्वारा निशुल्क चलाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसके लिए प्रशासन और निगम अधिकारी तैयार नहीं हो रहे थे। नए सलाहकार परिमल राय के समक्ष मेयर अरुण सूद ने मामला उठाया, जिसके बाद अब शहर की हर पार्किंग कंपनियों को दिए जाने का निर्णय लिया गया है। अधिकारी इस पर पॉलिसी भी बनाने में जुट गए हैं।
पहले पायलट प्रोजेक्ट भी चलाने को तैयार नहीं थे अधिकारी
पूर्व सलाहकार नहीं थे तैयार
पिछले साल जब निगम के सदन ने दो पेड पार्किंग को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर निशुल्क चलाने का प्रस्ताव पास करके भेजा तो पूर्व सलाहकार विजय देव इसके लिए तैयार नहीं हुए। वर्तमान सलाहकार की मंजूरी के बाद ही निगम सभी पेड पार्किंग को निशुल्क करके कंपनियों से बात कर रहा है। जबकि पूर्व प्रशासक विजय देव के समय प्रशासन विशेष अधिकार का प्रयोग करके रेट बढ़ाने के साथ-साथ पेड पार्किंग स्थलों की संख्या भी 95 करने का फैसला थोपकर अधिसूचना जारी करने जा रहा था। इसी बीच पूर्व सलाहकार विजय देव का दिल्ली में तबादला हो गया।
कमाई नहीं, लोगों को सुविधा देना है उद्देश्य
निगम के ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी का कहना है कि अलग-अलग कंपनियों ने पार्किंग स्थलों को निशुल्क चलाने के लिए अपनी-अपनी प्रेजेंटेशन दे दी है। उनका कहना है कि निगम का उद्देश्य कमाई करना नहीं, बल्कि लोगों को पार्किंग में सुविधाएं देना है। पॉलिसी बनाकर सदन में लाई जाएगी।
मेयर अरुण सूद का कहना है कि पार्किंग में कई सुधार की जरूरत है। उनका कहना है कि पार्किंग चलाने के लिए कई कंपनियां सामने आईं हैं। मेयर के अनुसार पार्किंग में वाहन चालकों को आ रही परेशानी दूर करके सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके बदले में शहरवासियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।