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गमाडा की नीलामी फिर फ्लॉप
अमर उजाला, मोहाली।
Updated Tue, 08 Oct 2013 02:48 AM IST
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ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को बड़ी उम्मीदें थीं कि नवरात्र में प्रॉपर्टी बाजार गर्माएगा। परंतु गमाडा के थिंक टैंक के सारे आकलन एक बार फिर गलत साबित हुए।
गमाडा ने शहर की तमाम रिहायशी, कॉमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और ग्रुप हाउसिंग साइट्स बेचने के लिए दो दिवसीय नीलामी सोमवार को शुरू हुई। परंतु पहले ही ही दिन गमाडा की नीलामी फ्लॉप हो गई।
पिछली बार भी जून में की गई नीलामी भी फ्लॉप ही रही थी। पहले दिन गमाडा ने 28 साइटें बोली के लिए रखी थीं। इनमें 17 रिहायशी, आठ कॉमर्शियल, दो ग्रुप हाउसिंग और एक स्कूल साइट शामिल थीं। किंतु सिर्फ तीन रिहायशी और दो कॉमर्शियल साइटें ही बिक सकीं। सिर्फ दो घंटे में नीलामी खत्म हो गई।
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सोमवार सुबह दस बजे नीलामी शुरू होनी थी, परंतु लोग नहीं पहुंचे थे। काफी इंतजार के बाद साढ़े ग्यारह बजे लोग इकट्ठे हुए, तो अधिकारियों ने नीलामी शुरू की। एसीए नवजोत कौर एवं ईओ संजीव कुमार की देखरेख में पहले रिहायशी प्लॉटों की बोली लगाई गई। सेक्टर-68 में छोटे और ज्यादा बड़े प्लॉटों के खरीददार नहीं थे।
405.55 वर्ग गज के दो प्लॉट 2.70 करोड़ और 2.78 करोड़ रुपयों में बिके। परंतु यह ज्यादा नहीं कमा सके, क्योंकि रिजर्व प्राइज 2,63,20,000 रुपये था। सेक्टर-68 के एक प्लॉट की बोली पेंडिंग कर बाद में कैंसिल कर दी गई। सेक्टर-69 में पांच सौ वर्ग गज का एक प्लॉट 4.02 करोड़ का बिका। इसका रिजर्व प्राइज 3,95,20,000 रुपये था, यह भी ज्यादा नहीं कमा सका।
कॉमर्शियल साइट्स में सेक्टर 59 के दो एससीओ ने गमाडा अधिकारियों के चेहरों की रौनक लौटाई। एससीओ-1 का रिजर्व प्राइज 13.71 करोड़ था, यह 16.65 करोड़ में बिका। एससीओ-9 का रिजर्व प्राइज 13.40 करोड़ था, जो 14.12 करोड़ में बिका। यह दोनों एससीओ गुरजीत सिंह ने खरीदे।
सेक्टर 65-ए की बल्क मैटीरियल मार्केट और सेक्टर 70 के एससीओ की किसी ने बोली नहीं लगाई। सेक्टर-66 में दो ग्रुप हाउसिंग साइटें थीं। उनकी बोली भी नहीं लगी। सेक्टर-78 की स्कूल साइट खरीदने भी कोई नहीं आया।
गमाडा एसीए नवजोत कौर ने कहा कि मंदी के चलते ज्यादा खरीदार नहीं आए। परंतु उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स ठीक रहा। गमाडा ने पहले दिन ही 40 करोड़ से ज्यादा कमाए हैं।
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गमाडा ने शहर की तमाम रिहायशी, कॉमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और ग्रुप हाउसिंग साइट्स बेचने के लिए दो दिवसीय नीलामी सोमवार को शुरू हुई। परंतु पहले ही ही दिन गमाडा की नीलामी फ्लॉप हो गई।
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पिछली बार भी जून में की गई नीलामी भी फ्लॉप ही रही थी। पहले दिन गमाडा ने 28 साइटें बोली के लिए रखी थीं। इनमें 17 रिहायशी, आठ कॉमर्शियल, दो ग्रुप हाउसिंग और एक स्कूल साइट शामिल थीं। किंतु सिर्फ तीन रिहायशी और दो कॉमर्शियल साइटें ही बिक सकीं। सिर्फ दो घंटे में नीलामी खत्म हो गई।
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सोमवार सुबह दस बजे नीलामी शुरू होनी थी, परंतु लोग नहीं पहुंचे थे। काफी इंतजार के बाद साढ़े ग्यारह बजे लोग इकट्ठे हुए, तो अधिकारियों ने नीलामी शुरू की। एसीए नवजोत कौर एवं ईओ संजीव कुमार की देखरेख में पहले रिहायशी प्लॉटों की बोली लगाई गई। सेक्टर-68 में छोटे और ज्यादा बड़े प्लॉटों के खरीददार नहीं थे।
405.55 वर्ग गज के दो प्लॉट 2.70 करोड़ और 2.78 करोड़ रुपयों में बिके। परंतु यह ज्यादा नहीं कमा सके, क्योंकि रिजर्व प्राइज 2,63,20,000 रुपये था। सेक्टर-68 के एक प्लॉट की बोली पेंडिंग कर बाद में कैंसिल कर दी गई। सेक्टर-69 में पांच सौ वर्ग गज का एक प्लॉट 4.02 करोड़ का बिका। इसका रिजर्व प्राइज 3,95,20,000 रुपये था, यह भी ज्यादा नहीं कमा सका।
कॉमर्शियल साइट्स में सेक्टर 59 के दो एससीओ ने गमाडा अधिकारियों के चेहरों की रौनक लौटाई। एससीओ-1 का रिजर्व प्राइज 13.71 करोड़ था, यह 16.65 करोड़ में बिका। एससीओ-9 का रिजर्व प्राइज 13.40 करोड़ था, जो 14.12 करोड़ में बिका। यह दोनों एससीओ गुरजीत सिंह ने खरीदे।
सेक्टर 65-ए की बल्क मैटीरियल मार्केट और सेक्टर 70 के एससीओ की किसी ने बोली नहीं लगाई। सेक्टर-66 में दो ग्रुप हाउसिंग साइटें थीं। उनकी बोली भी नहीं लगी। सेक्टर-78 की स्कूल साइट खरीदने भी कोई नहीं आया।
गमाडा एसीए नवजोत कौर ने कहा कि मंदी के चलते ज्यादा खरीदार नहीं आए। परंतु उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स ठीक रहा। गमाडा ने पहले दिन ही 40 करोड़ से ज्यादा कमाए हैं।