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सिंचाई विभाग के कार्यालय में लगी आग, आठ घंटे बाद काबू आई
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इटावा। सिंचाई विभाग के कार्यालय में सोमवार सुबह लगभग छह बजे आग लग गई। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने दमकल टीम को बुलाया। दमकल की तीन गाड़ियों ने लगभग आठ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग में बड़ी संख्या में पुराने रिकॉर्ड के प्रपत्र जले हैं। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि आग की वजह जानने के लिए कमेटी से जांच कराई जाएगी।
सुबह छह बजे रात में तैनात कर्मचारी ने अधिष्ठान अनुभाग के हॉल में बने एक कक्ष से धुआं उठता देखा तो उसे आग लगने की जानकारी हो सकी। सूचना पर पहुंचे जेई समेत अन्य स्टाफ ने दमकल टीम को सूचना दी। दमकल की गाड़ियों ने दोपहर करीब दो बजे लपटों को शांत किया जा सका। आग में लकड़ी की अलमारियां, सीसीटीवी कैमरे, कुर्सियां, मेज समेत कक्षों में रखे प्रपत्र जलकर राख हो गए। सूचना पर सिविल लाइन पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने डीबीआर को कब्जे में ले लिया है। हालांकि शॉर्ट सर्कि से आग लगने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कुछ कर्मचारी आग लगाए जाने की आशंका जता रहे हैं। एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है। जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधिष्ठान अनुभाग में मुख्य रूप से कर्मचारियों से संबंधित सभी दस्तावेज, सेवा पुस्तिकाएं, वेतन और भत्ते के रिकॉर्ड, पदोन्नति और स्थानांतरण के आदेश, पेंशन और छुट्टी से संबंधित फाइलें, विभिन्न नियमों की फाइलें, पदोन्नति समितियों की बैठकें और विभाग के प्रशासनिक कार्य (जैसे भर्ती, पदस्थापन) से जुड़े रिकॉर्ड होते हैं। यह अनुभाग मानव संसाधन प्रबंधन का केंद्र होता है, जो विभाग के सुचारू संचालन के लिए जरूरी है।
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सोमवार सुबह कार्यालय में आग लगने के बाद पूरे दिन सभी कामकाज पूरी तरह ठप रहे। इस बीच कर्मचारी इधर से उधर दौड़ते नजर आए। हालांकि कोई भी कर्मचारी कुछ भी बोलने को राजी नहीं दिखा। कुछ कर्मचारियों ने दबी जुबान बताया कि लगभग 100 वर्ष तक के रिकार्ड जल गए हैं। इसमें कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर पेंशन और आरटीआई से जुड़े दस्तावेज भी जल गए है।
इटावा। घटना की जानकारी मिलते ही कार्यालय पहुंंचे भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने विभागीय अधिकारियों पर जानबूझकर आग लगाने के आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि सिल्ट सफाई में भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए विभाग की ओर से ही इस घटना को अंजाम दिया गया है। सुबह छह से दोपहर एक बजे तक कार्यालय के अधिष्ठान अनुभाग में लगी आग धधकती रही। कार्यालय में आग की सूचना पर पहुंचे भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह और जिलाध्यक्ष संजेष कुमार ने विभाग पर कार्यालय में जानबूझकर आग लगाने के आरोप लगाए हैं। पदाधिकारियों ने बताया कि अभी 12 दिसंबर को जिले में नहर, रजबाह और माइनरों में सिल्ट सफाई के नाम पर मनमानी करने की शिकायत की थी। इसमें बासक रजबाह के साथ ही अन्य कई रजबहों में सफाई के नाम पर मनमानी किए जाने की बात कही गई थी। संगठन की ओर से बीते दो वर्ष में लगभग 60 से 70 शिकायतें की गई लेकिन जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही। बीते दिनों संगठन की ओर से डीएम से शिकायत की, जिसपर डीएम ने एक्सईएन को अभिलेखों सहित आने की बात कही थी लेकिन अगले ही दिन कार्यालय में आग लग गई है जो विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का जीता जागता उदाहरण है।
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सुबह छह बजे रात में तैनात कर्मचारी ने अधिष्ठान अनुभाग के हॉल में बने एक कक्ष से धुआं उठता देखा तो उसे आग लगने की जानकारी हो सकी। सूचना पर पहुंचे जेई समेत अन्य स्टाफ ने दमकल टीम को सूचना दी। दमकल की गाड़ियों ने दोपहर करीब दो बजे लपटों को शांत किया जा सका। आग में लकड़ी की अलमारियां, सीसीटीवी कैमरे, कुर्सियां, मेज समेत कक्षों में रखे प्रपत्र जलकर राख हो गए। सूचना पर सिविल लाइन पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने डीबीआर को कब्जे में ले लिया है। हालांकि शॉर्ट सर्कि से आग लगने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कुछ कर्मचारी आग लगाए जाने की आशंका जता रहे हैं। एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है। जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है।
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सिंचाई विभाग के अधिष्ठान अनुभाग में मुख्य रूप से कर्मचारियों से संबंधित सभी दस्तावेज, सेवा पुस्तिकाएं, वेतन और भत्ते के रिकॉर्ड, पदोन्नति और स्थानांतरण के आदेश, पेंशन और छुट्टी से संबंधित फाइलें, विभिन्न नियमों की फाइलें, पदोन्नति समितियों की बैठकें और विभाग के प्रशासनिक कार्य (जैसे भर्ती, पदस्थापन) से जुड़े रिकॉर्ड होते हैं। यह अनुभाग मानव संसाधन प्रबंधन का केंद्र होता है, जो विभाग के सुचारू संचालन के लिए जरूरी है।
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सोमवार सुबह कार्यालय में आग लगने के बाद पूरे दिन सभी कामकाज पूरी तरह ठप रहे। इस बीच कर्मचारी इधर से उधर दौड़ते नजर आए। हालांकि कोई भी कर्मचारी कुछ भी बोलने को राजी नहीं दिखा। कुछ कर्मचारियों ने दबी जुबान बताया कि लगभग 100 वर्ष तक के रिकार्ड जल गए हैं। इसमें कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर पेंशन और आरटीआई से जुड़े दस्तावेज भी जल गए है।
इटावा। घटना की जानकारी मिलते ही कार्यालय पहुंंचे भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने विभागीय अधिकारियों पर जानबूझकर आग लगाने के आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि सिल्ट सफाई में भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए विभाग की ओर से ही इस घटना को अंजाम दिया गया है। सुबह छह से दोपहर एक बजे तक कार्यालय के अधिष्ठान अनुभाग में लगी आग धधकती रही। कार्यालय में आग की सूचना पर पहुंचे भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह और जिलाध्यक्ष संजेष कुमार ने विभाग पर कार्यालय में जानबूझकर आग लगाने के आरोप लगाए हैं। पदाधिकारियों ने बताया कि अभी 12 दिसंबर को जिले में नहर, रजबाह और माइनरों में सिल्ट सफाई के नाम पर मनमानी करने की शिकायत की थी। इसमें बासक रजबाह के साथ ही अन्य कई रजबहों में सफाई के नाम पर मनमानी किए जाने की बात कही गई थी। संगठन की ओर से बीते दो वर्ष में लगभग 60 से 70 शिकायतें की गई लेकिन जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही। बीते दिनों संगठन की ओर से डीएम से शिकायत की, जिसपर डीएम ने एक्सईएन को अभिलेखों सहित आने की बात कही थी लेकिन अगले ही दिन कार्यालय में आग लग गई है जो विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का जीता जागता उदाहरण है।