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Coronavirus in MP: इंदौर में 7, मुरैना में 10 नए मामले, 26 हजार लोग किए गए पृथक

Fri, 03 Apr 2020 11:25 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/इंदौर Published by: Amit Mandal Updated Fri, 03 Apr 2020 11:25 PM IST
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Coronavirus in Indore Madhya Pradesh (MP) News in Hindi: 7 new cases in Indore
मध्यप्रदेश इंदौर में कोरोना वायरस - फोटो : ANI

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में आज 18 नए मामले सामने आए। इसी के साथ यहां कुल मरीजों की संख्या 129 पहुंच गई है। इन 18 मामलों में से 10 केस मुरैना और सात केस इंदौर में मिले हैं। जबकि एक मामला छिंदवाड़ा में सामने आया है। प्रदेश में कोरोना वायरस की महामारी से आठ लोगों की मौत हो चुकी है।  

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एसडीएम ने बताया कि 36 वर्षीय छिंदवाड़ा का कोरोना पॉजिटिव इस जिले का पहला मरीज है। ये शख्स इंदौर में एक सरकारी विभाग में काम करता है और लॉकडाउन से पहले 19 मार्च को छिंदवाड़ा आया था। 

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उसे छिंदवाड़ा के जिला अस्पताल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है। वह जिन भी जगहों पर गया था वहां की स्क्रीनिंग हो रही है। वहीं, इंदौर में सात नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ शहर में संक्रमितों की संख्या 89 पहुंच गई है। 
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मुरैना में 3000 घर सील, 26 हजार किए गए होम क्वारंटीन

एक ही दिन में 10 मामले सामने आने से मुरैना में तीन हजार घरों को सील कर दिया गया है और लोगों को घर पर क्वारंटीन किया गया है। संक्रमित पाए गए 10 लोग इनमें से कई लोगों के संपर्क में आए थे। 20 मार्च को प्रेमनगर में वार्ड नंबर 47 और आसपास के इलाके के लोगों ने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। 

एसडीएम आरएस बाकना ने बताया कि 17 मार्च को एक व्यक्ति दुबई से लौटा था उसके साथ उसकी पत्नी भी थी। दोनों को बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इन्होंने 20 मार्च को एक कार्यक्रम भी आयोजित किया था। इसके चलते तीन हजार घरों के 26 हजार लोगों को घर पर पृथक (क्वारंटीन) किया गया है।   

आईएएस अधिकारी की पहली जांच रिपोर्ट पॉजिटिव, दूसरी का इंतजार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी की कोविड-19 के लिए की गई जांच की शुक्रवार को पहली रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। हालांकि, दूसरी रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक आईएएस अधिकारी की कोरोना वायरस के लिए की गई जांच की पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। लेकिन हम उनकी दूसरी जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं।

उन्होंने मध्य प्रदेश के बाहर भी यात्राएं की हैं और जब उनमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देने लगे, तब कोविड-19 की जांच के लिए उनके नमूने भेजे गए।

पत्रकार और उनकी बेटी की रिपोर्ट नेगेटिव

इस बीच आज भोपालवासियों के लिए अच्छी खबर ये रही कि वरिष्ठ पत्रकार केके सक्सेना और उनकी बेटी की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर एम्स से छुट्टी दे दी गई। यह खबर उन पत्रकारों, अधिकारियों, कर्मचारियों, नेताओं के लिए भी संतोष करने वाली है जो उनके संपर्क में आने के बाद क्वारंटीन में हैं। 

देवास और आगर-मालवा जिले में 23 लोग गिरफ्तार

आगर-मालवा और देवास जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने की आशंका वाले नुकसानदेह कामों में लिप्त रहने के आरोप में पुलिस ने 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। आगर-मालवा के जिला पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जिले के नलखेड़ा कस्बे में एक धार्मिक स्थान के पीछे बने एक कमरे में सामूहिक तौर पर रहने वाले 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इन्हें पृथक रखा गया है।

हालांकि उन्होंने साफ किया कि गिरफ्तार किए गए इन लोगों में से किसी ने भी मार्च माह में निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तबलीगी जमात के धार्मिक सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ये लोग अपने समुदाय के लोगों के बीच धर्मोपदेश करने में शामिल थे। एसपी ने बताया कि ये लोग दिल्ली के रहने वाले हैं और यहां 10 मार्च को आए थे। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने इसकी सूचना भी अधिकारियों को नहीं दी और एक साथ रहकर यहां लागू धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है।

इसी तरह देवास के पुलिस अधीक्षक कृष्णा वेणी देसावपु ने बताया कि गुरुवार को देवास में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 10 लोग जयपुर से आए थे और वे उस स्थानीय व्यक्ति को जानकारी दिए बिना बिना इधर-उधर जा रहे थे जिसने उन्हें आश्रय दिया था। वे जिले में कर्फ्यू लगा होने के बाद भी ऐसा कर रहे थे। 

एसपी ने बताया कि प्रक्रिया के मुताबिक इन सभी लोगों को 14 दिन के लिए पृथक रखा गया है। उन्होंने बताया कि इन लोगों में से किसी ने भी मार्च माह में निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तबलीगी जमात के धार्मिक सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि देवास एसपी ने कहा कि ये लोग तबलीगी जमात का हिस्सा हैं और धार्मिक संदेश फैलाने में लगे हुए हैं।

चार लोगों पर रासुका लगाई गई 

शुक्रवार को इंदौर प्रशासन ने उन चार लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तरह मामला दर्ज किया है जिन्होंने टाटपट्टी बाखल में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला किया था। प्रदेश में इस तरह की कार्रवाई का ये पहला मामला है।  


बता दें कि बुधवार को पांच लोगों की स्वास्थ्यकर्मियों की टीम टाटपट्टी बाखल इलाके में गई थी ताकि कोरोना वायरस संदिग्धों को क्वारंटीन किया जा सके, लेकिन भीड़ ने इनपर पत्थरों से हमला बोल दिया। इसमें दो महिला डॉक्टर घायल हुई थीं। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया। 
  

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