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कर्मचारियों की हड़ताल से मार्गों, बाजारों और कॉलोनियों में सफाई ठप
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20jjrp12-शहर के बीकानेर चौक पर लगे कूडे़ के ढेर जो अब सड़क तक आ चुके हैं। संवाद
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर के सफाई कर्मचारी 15वें दिन भी हड़ताल पर रहे। इस हड़ताल के कारण शहर के मुख्य मार्गों, बाजारों और कॉलोनियों में सफाई कार्य ठप है। कूड़ा डंपिंग साइटों से भी नहीं उठाया जा रहा, जिससे वह सड़कों तक फैलने लगा है।
नगर परिषद के 109 सफाई कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। शहर के बीकानेर चौक, आंबेडकर चौक, रेवाड़ी रोड और छारा चुंगी सहित कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। पिछले 15 दिनों में शहर में लगभग 150 टन कूड़ा जमा हो गया है। वाल्मीकि समाज सिलानी गेट झज्जर के प्रधान अभिषेक उर्फ गोलू ने हड़ताल का समर्थन किया है। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के प्रधान संदीप ने भी इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया।
इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने कर्मचारियों की कई मांगें बताईं। इनमें 13 मई 2026 के संघ-सरकार समझौते को लागू करना शामिल है। फरीदाबाद अग्निकांड के शहीदों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। पैरोल के सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन, फायरमैन व चालकों को पक्का या नियमित करने की बात भी रखी गई। झज्जर के 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने की मांग है। ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और ठेका प्रथा बंद करने की मांग भी है। सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये और 5000 रुपये जोखिम भत्ता देने की भी मांगें हैं।
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झज्जर। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर के सफाई कर्मचारी 15वें दिन भी हड़ताल पर रहे। इस हड़ताल के कारण शहर के मुख्य मार्गों, बाजारों और कॉलोनियों में सफाई कार्य ठप है। कूड़ा डंपिंग साइटों से भी नहीं उठाया जा रहा, जिससे वह सड़कों तक फैलने लगा है।
नगर परिषद के 109 सफाई कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। शहर के बीकानेर चौक, आंबेडकर चौक, रेवाड़ी रोड और छारा चुंगी सहित कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। पिछले 15 दिनों में शहर में लगभग 150 टन कूड़ा जमा हो गया है। वाल्मीकि समाज सिलानी गेट झज्जर के प्रधान अभिषेक उर्फ गोलू ने हड़ताल का समर्थन किया है। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के प्रधान संदीप ने भी इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया।
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इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने कर्मचारियों की कई मांगें बताईं। इनमें 13 मई 2026 के संघ-सरकार समझौते को लागू करना शामिल है। फरीदाबाद अग्निकांड के शहीदों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। पैरोल के सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन, फायरमैन व चालकों को पक्का या नियमित करने की बात भी रखी गई। झज्जर के 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने की मांग है। ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और ठेका प्रथा बंद करने की मांग भी है। सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये और 5000 रुपये जोखिम भत्ता देने की भी मांगें हैं।
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