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ऐसा क्या करेगा प्रशासन की और भी चमक जाएगा चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sun, 06 Oct 2013 02:27 AM IST
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चंडीगढ़ को बसाते समय फ्रेंच आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने कई सपने देखे थे। वे शहर को वह सब कुछ देना चाहते थे ताकि यहां के लोग खुशहाल रहें। लेकिन, कार्बूजिए के कई सपने अधूरे रह गए।
अधिकारी बदलते रहे और कार्बूजिए के सपने पूरे नहीं हो पाए। बेहतर गवर्नेंस को ध्यान में रखकर कार्बूजिए ने कैपिटल कांपलेक्स डिजाइन किया। कांपलेक्स में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, सचिवालय और विधानसभा मौजूद हैं। यहीं पर कार्बूजिए गवर्नर पैलेस भी बनवाना चाहते थे।
गवर्नर पैलेस का मॉडल भी तैयार हुआ, लेकिन पैलेस विवादों में घिर गया। फिर कार्बूजिए ने पैलेस की जगह म्यूजियम ऑफ नॉलेज बनाने का फैसला लिया। कैपिटल कांपलेक्स में कार्बजिए ने म्यूजियम बनाने का जो सपना देखा वह फाइलों में ऐसा दबा कि उसे बाहर निकलने में कई दशक लग गए।
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प्रशासन चाहे कार्बूजिए के इस सपने को भूल गया हो, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे याद रखा। केंद्र ने जब प्रशासन को ली कार्बूजिए के अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा करने के निर्देश दिए तो प्रशासन हरकत में आया।
इसके साथ ही म्यूजियम ऑफ नॉलेज बनाने की योजना पर प्रशासन ने नए सिरे से काम शुरू कर दिया। म्यूजियम बनाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों की बैठकें भी हुई हैं। अब लगता है कार्बूजिए का ख्वाब जल्द ही पूरा हो जाएगा। म्यूजियम के लिए गृह मंत्रालय से अनुदान मिलेगा।
म्यूजियम में होंगी तमाम सुविधाएं
म्यूजियम में सेमिनार रूम के साथ-साथ शोध की तमाम सुविधाएं होंगी। म्यूजियम में प्रदर्शनियों के लिए भी खासतौर पर इंतजाम होगा। म्यूजियम में डिजीटल लाइब्रेरी, सीडी कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधाएं होंगी। यहां राज्य स्तरीय समारोह के लिए बैंक्वेट हॉल भी बनेगा। इसके अलावा कैपिटल कांप्लेक्स में शहीदों की याद में एक मेमोरियल भी बनेगा। कार्बूजिए ने इसका डिजाइन भी तैयार किया था।
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अधिकारी बदलते रहे और कार्बूजिए के सपने पूरे नहीं हो पाए। बेहतर गवर्नेंस को ध्यान में रखकर कार्बूजिए ने कैपिटल कांपलेक्स डिजाइन किया। कांपलेक्स में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, सचिवालय और विधानसभा मौजूद हैं। यहीं पर कार्बूजिए गवर्नर पैलेस भी बनवाना चाहते थे।
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गवर्नर पैलेस का मॉडल भी तैयार हुआ, लेकिन पैलेस विवादों में घिर गया। फिर कार्बूजिए ने पैलेस की जगह म्यूजियम ऑफ नॉलेज बनाने का फैसला लिया। कैपिटल कांपलेक्स में कार्बजिए ने म्यूजियम बनाने का जो सपना देखा वह फाइलों में ऐसा दबा कि उसे बाहर निकलने में कई दशक लग गए।
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प्रशासन चाहे कार्बूजिए के इस सपने को भूल गया हो, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे याद रखा। केंद्र ने जब प्रशासन को ली कार्बूजिए के अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा करने के निर्देश दिए तो प्रशासन हरकत में आया।
इसके साथ ही म्यूजियम ऑफ नॉलेज बनाने की योजना पर प्रशासन ने नए सिरे से काम शुरू कर दिया। म्यूजियम बनाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों की बैठकें भी हुई हैं। अब लगता है कार्बूजिए का ख्वाब जल्द ही पूरा हो जाएगा। म्यूजियम के लिए गृह मंत्रालय से अनुदान मिलेगा।
म्यूजियम में होंगी तमाम सुविधाएं
म्यूजियम में सेमिनार रूम के साथ-साथ शोध की तमाम सुविधाएं होंगी। म्यूजियम में प्रदर्शनियों के लिए भी खासतौर पर इंतजाम होगा। म्यूजियम में डिजीटल लाइब्रेरी, सीडी कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधाएं होंगी। यहां राज्य स्तरीय समारोह के लिए बैंक्वेट हॉल भी बनेगा। इसके अलावा कैपिटल कांप्लेक्स में शहीदों की याद में एक मेमोरियल भी बनेगा। कार्बूजिए ने इसका डिजाइन भी तैयार किया था।