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खुले में घूम रहे निराश्रित पशु बन रहे किसानों के लिए सिरदर्द
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खुले में घूम रहे निराश्रित पशु बन रहे किसानों के लिए सिरदर्द
खुर्जा। नगर के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले किसान निराश्रित पशुओं से खासे परेशान हैं। आलम यह है कि खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसान रात भर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है। किसानों की मेहनत को पशुओं की झुंड नष्ट कर देता है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो रही है। किसानों ने पशुओं को पकड़वाने की मांग की है।
नगर के सीमावर्ती गांव किला मेवाई, उस्मापुर, ढांकर, नगलाशेखू, वाजिदपुर में पिछले काफी समय से निराश्रित पशुओं द्वारा फसल नष्ट करने का मामला सामने आ रहा है। किला गांव निवासी कालीचरन ने बताया कि पशु खेतों में खड़ी लहटा, गेंहू, ईख और सब्जी की फसल नष्ट कर रहे हैं। जिससे कई किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। किसान नेता अरब चौधरी ने बताया कि किसानों की समस्या को लेकर समय-समय पर आंदोलन चलाया गया है। भविष्य में भी किसानों की लड़ाई लड़ी जाएगी। धराऊं गांव निवासी किसान रौदास ने बताया कि शहरी इलाकों से गांव सटे होने के कारण शहरों में घूम रहे आवारा पशु गांवों में दाखिल हो जाते हैं। पशुओं के आंतक से परेशान किसान अब रातरात भर खेतों में खड़े होकर पहरा दे रहे हैं। किसानों ने अधिकारियों से छुट्टा पशुओं को गोशाला भेजने की मांग की है। एसडीएम खुर्जा लवी त्रिपाठी ने अभियान चलाकर कार्रवाई करने की बात कही है।
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खुर्जा। नगर के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले किसान निराश्रित पशुओं से खासे परेशान हैं। आलम यह है कि खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसान रात भर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है। किसानों की मेहनत को पशुओं की झुंड नष्ट कर देता है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो रही है। किसानों ने पशुओं को पकड़वाने की मांग की है।
नगर के सीमावर्ती गांव किला मेवाई, उस्मापुर, ढांकर, नगलाशेखू, वाजिदपुर में पिछले काफी समय से निराश्रित पशुओं द्वारा फसल नष्ट करने का मामला सामने आ रहा है। किला गांव निवासी कालीचरन ने बताया कि पशु खेतों में खड़ी लहटा, गेंहू, ईख और सब्जी की फसल नष्ट कर रहे हैं। जिससे कई किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। किसान नेता अरब चौधरी ने बताया कि किसानों की समस्या को लेकर समय-समय पर आंदोलन चलाया गया है। भविष्य में भी किसानों की लड़ाई लड़ी जाएगी। धराऊं गांव निवासी किसान रौदास ने बताया कि शहरी इलाकों से गांव सटे होने के कारण शहरों में घूम रहे आवारा पशु गांवों में दाखिल हो जाते हैं। पशुओं के आंतक से परेशान किसान अब रातरात भर खेतों में खड़े होकर पहरा दे रहे हैं। किसानों ने अधिकारियों से छुट्टा पशुओं को गोशाला भेजने की मांग की है। एसडीएम खुर्जा लवी त्रिपाठी ने अभियान चलाकर कार्रवाई करने की बात कही है।
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