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मरीजों को परहेज करने की दी गई सलाह
chitrakoot
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:11 PM IST
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शिविर में मरीजों का हाल जानतीं महिला चिकित्सक
- फोटो : amarujala
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आरोग्य धाम में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए शिविर में दूसरे दिन भी मरीजों को देखा गया। इनको परहेज की सलाह दी गई।
आयुष विभाग नई दिल्ली व दीनदयाल शोध संस्थान के सहयोग से धर्मनगरी में छह दिवसीय शिविर लगाया गया है। दूसरे दिन सबसे अधिक त्वचा रोग व पेट रोग से पीड़ित मरीज आए। छह सौ से अधिक मरीज देखे गए। आयुर्वेद संहिता आयाम का प्रशिक्षण भी शुरू हुआ जो 17 जनवरी तक चलेगा। आयुर्वेद की दवाएं व जड़ी बूटी दी गई। इसके साथ ही खानपान के प्रभाव से होने वाले रोगों का परीक्षण करने के बाद डाक्टरों ने अधिक मसाला युक्त वस्तुओं का परहेज करने की सलाह दी। बताया गया कि आयुर्वेद से संबंधित तीन लाख 25 हजार की दवाएं वितरित की गईं। इस मौके पर डा. मनोज नेसारी नई दिल्ली, प्रो. एनएस बघेल जयपुर, प्रो. अंत धर्माधिकारी, प्रो. नीता कोटेजा, प्रो. आरबी द्विवेदी हरदोई व प्रो. तनुजा नेसारी आदि मौजूद रहे।
डा. मनोज नेसारी नई दिल्ली ने बताया कि आयुर्वेद सभी प्रकार के रोग ठीक करने क्षमता है। कई रोग तो लोग घर बैठे दूर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें घरों में जड़ी बूटियां लगानी पडे़ंगी। इसके लिए दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ता खुद घर जाकर जड़ी बूटियों के पौधे वितरित करते हैं।
आरोग्यधाम में आयुष के इस शिविर में कई अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हैं। डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन ने बताया कि यह चिकित्सा शिविर शनिवार को समाप्त हो गया है अब इन प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है, जिसमें 58 परास्नातक, 23 यूजीसी स्कालर,6 मेडीकल आफीसर, दो रिसर्च आफीसर, 9 सीआरएवी के छात्र, नेपाल व श्रीलंका समेत 14 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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आयुष विभाग नई दिल्ली व दीनदयाल शोध संस्थान के सहयोग से धर्मनगरी में छह दिवसीय शिविर लगाया गया है। दूसरे दिन सबसे अधिक त्वचा रोग व पेट रोग से पीड़ित मरीज आए। छह सौ से अधिक मरीज देखे गए। आयुर्वेद संहिता आयाम का प्रशिक्षण भी शुरू हुआ जो 17 जनवरी तक चलेगा। आयुर्वेद की दवाएं व जड़ी बूटी दी गई। इसके साथ ही खानपान के प्रभाव से होने वाले रोगों का परीक्षण करने के बाद डाक्टरों ने अधिक मसाला युक्त वस्तुओं का परहेज करने की सलाह दी। बताया गया कि आयुर्वेद से संबंधित तीन लाख 25 हजार की दवाएं वितरित की गईं। इस मौके पर डा. मनोज नेसारी नई दिल्ली, प्रो. एनएस बघेल जयपुर, प्रो. अंत धर्माधिकारी, प्रो. नीता कोटेजा, प्रो. आरबी द्विवेदी हरदोई व प्रो. तनुजा नेसारी आदि मौजूद रहे।
डा. मनोज नेसारी नई दिल्ली ने बताया कि आयुर्वेद सभी प्रकार के रोग ठीक करने क्षमता है। कई रोग तो लोग घर बैठे दूर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें घरों में जड़ी बूटियां लगानी पडे़ंगी। इसके लिए दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ता खुद घर जाकर जड़ी बूटियों के पौधे वितरित करते हैं।
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आरोग्यधाम में आयुष के इस शिविर में कई अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हैं। डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन ने बताया कि यह चिकित्सा शिविर शनिवार को समाप्त हो गया है अब इन प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है, जिसमें 58 परास्नातक, 23 यूजीसी स्कालर,6 मेडीकल आफीसर, दो रिसर्च आफीसर, 9 सीआरएवी के छात्र, नेपाल व श्रीलंका समेत 14 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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