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Chhattisgarh: युवा सिख रहे हैं सपनों को साकार करने की कला, बेरोजगार युवक-युवतियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण
Tue, 05 Aug 2025 06:04 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 05 Aug 2025 06:04 PM IST
सार
ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला बेमेतरा के नवागढ़ ब्लॉक स्थित ग्राम टेमरी में 15 जुलाई से 13 अगस्त 2025 तक राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
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बेरोजगार युवक-युवतियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला बेमेतरा के नवागढ़ ब्लॉक स्थित ग्राम टेमरी में 15 जुलाई से 13 अगस्त 2025 तक राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण एसबीआई आरसेटी बेमेतरा (रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के तहत प्रतिभागियों को राजमिस्त्री का व्यावसायिक कौशल सिखाने के साथ-साथ बैंकिंग ज्ञान और उद्यमिता विकास की भी जानकारी दी जा रही है, जिससे वे भविष्य में स्वरोजगार की ओर अग्रसर हो सकें।
नए जिले के गठन के पश्चात इस वित्तीय वर्ष से ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल पर एसबीआई आरसेटी बेमेतरा की शुरुआत की गई है। यह संस्थान फिलहाल सिमगा रोड स्थित ग्राम चोरभट्ठी के लाइवलीहुड कॉलेज परिसर में अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है। यहां 18 से 45 वर्ष के बीच के बेरोजगार युवक-युवतियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है।
आरसेटी के तहत लगभग 70 अलग-अलग विषयों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिनमें ब्यूटी पार्लर संचालन, महिला एवं पुरुष सिलाई, मोबाइल व मोटरसाइकिल रिपेयरिंग, एसी-फ्रिज मरम्मत, सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉलेशन, अगरबत्ती, मोमबत्ती, आचार, बड़ी-पापड़ निर्माण, मछली पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन आदि प्रमुख हैं। इस संस्थान का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना तथा बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
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जिला पंचायत के सहयोग से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से गांव के युवाओं को निर्माण कार्य का व्यावहारिक ज्ञान मिल रहा है। इससे वे भविष्य में प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में कुशल राजमिस्त्री के रूप में अपना योगदान दे सकेंगे। साथ ही यह पहल स्वाभिमान के साथ स्वावलंबन की ओर एक मजबूत कदम साबित होगी। इस प्रकार न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ा रहा है, बल्कि गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
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नए जिले के गठन के पश्चात इस वित्तीय वर्ष से ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल पर एसबीआई आरसेटी बेमेतरा की शुरुआत की गई है। यह संस्थान फिलहाल सिमगा रोड स्थित ग्राम चोरभट्ठी के लाइवलीहुड कॉलेज परिसर में अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है। यहां 18 से 45 वर्ष के बीच के बेरोजगार युवक-युवतियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है।
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आरसेटी के तहत लगभग 70 अलग-अलग विषयों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिनमें ब्यूटी पार्लर संचालन, महिला एवं पुरुष सिलाई, मोबाइल व मोटरसाइकिल रिपेयरिंग, एसी-फ्रिज मरम्मत, सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉलेशन, अगरबत्ती, मोमबत्ती, आचार, बड़ी-पापड़ निर्माण, मछली पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन आदि प्रमुख हैं। इस संस्थान का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना तथा बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
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जिला पंचायत के सहयोग से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से गांव के युवाओं को निर्माण कार्य का व्यावहारिक ज्ञान मिल रहा है। इससे वे भविष्य में प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में कुशल राजमिस्त्री के रूप में अपना योगदान दे सकेंगे। साथ ही यह पहल स्वाभिमान के साथ स्वावलंबन की ओर एक मजबूत कदम साबित होगी। इस प्रकार न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ा रहा है, बल्कि गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।