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कोण्डागांव की योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मान
Fri, 26 Dec 2025 06:36 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 26 Dec 2025 06:36 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की होनहार जूडो खिलाड़ी योगिता मंडावी को प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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कोण्डागांव की योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की होनहार जूडो खिलाड़ी योगिता मंडावी को प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। योगिता बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह, कोण्डागांव में पली-बढ़ी हैं और कम उम्र में ही उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस कार्यक्रम में देशभर से चुनकर आए बच्चों को खेल, नवाचार, कला-संस्कृति और सामाजिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
योगिता ने सिर्फ 13 वर्ष की उम्र में राज्य की श्रेष्ठ जूडो खिलाड़ी का दर्जा हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर लगातार अपनी प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण दिया।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योगिता की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि योगिता ने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद लगन, मेहनत और संकल्प के बल पर बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बालिका गृह में रह रहे अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
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नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस कार्यक्रम में देशभर से चुनकर आए बच्चों को खेल, नवाचार, कला-संस्कृति और सामाजिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
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योगिता ने सिर्फ 13 वर्ष की उम्र में राज्य की श्रेष्ठ जूडो खिलाड़ी का दर्जा हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर लगातार अपनी प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण दिया।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योगिता की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि योगिता ने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद लगन, मेहनत और संकल्प के बल पर बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बालिका गृह में रह रहे अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।