फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   worker dies after wall collapses at chhattisgarh SECL central hospital

Korba: SECL केंद्रीय अस्पताल में निर्माणाधीन दीवार गिरने से मजदूर की मौत; बिना टेंडर कराया जा रहा था काम

Thu, 20 Oct 2022 10:27 AM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Thu, 20 Oct 2022 10:27 AM IST
सार

बताया जा रहा है कि घायल मजदूर को विभागीय अस्पताल ने ही भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके चलते जिला अस्पताल ले जाने में देर हुई। वहीं जिला अस्पताल पुलिस चौकी प्रभारी रविंद्र जनार्दन का कहना है कि अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई जा रही है। 

विज्ञापन
worker dies after wall collapses at chhattisgarh SECL central hospital
SECL अस्पताल कोरबा में दीवार गिरने से मजदूर की मौत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित SECL केंद्रीय अस्पताल में निर्माणाधीन दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद मजदूर दीवार के नीचे दब कर घायल हो गया, लेकिन उसे उपचार तक नहीं दिया गया। किसी तरह साथी मजदूर उसे ऑटो से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां बुधवार देर शाम उसने दम तोड़ दिया। आरोप है कि बिना टेंडर के ही यह निर्माण कार्य कराया जा रहा था। मामला बाकी मोगरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मार्ग दर्ज कर जांच की बात कही है। 
विज्ञापन




विभागीय अस्पताल ने नहीं किया भर्ती
जानकारी के मुताबिक, कटाइनार निवासी खंभन दास दिवाकर और मनहरण दास SECL अस्पताल की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान दीवार का एक हिस्सा गिर गया। उसकी चपेट में आने से खंभन दास दिवाकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि SECL अस्पताल में हुए हादसे के बावजूद उसे उपचार नहीं मिला। उसे विभागीय अस्पताल ले गए, लेकिन खंभन दास को भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल लेकर गए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। 
विज्ञापन




अस्पताल प्रबंधन का सहायता नहीं करने का आरोप
साथी मजदूर मनहरण दास ने बताया कि अस्पताल के पीछे एक जर्जर भवन है। उसकी ही मरम्मत का काम चल रहा था। तभी दीवार का एक हिस्सा गिर गया। अगर समय रहते उसका उपचार विभागीय अस्पताल में होता तो जान बच सकती थी। हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई और ना ही काम कराने वाले कर्मचारी ने रुचि दिखाई। खंभन दास के बेटे राजेश ने बताया कि उसे फोन पर हादसे की जानकारी मिली थी। इससे ज्यादा नहीं पता। 
विज्ञापन
विज्ञापन




कर्मचारी ने ही काम पर रखा था मजदूरों को
बताया जा रहा है कि अस्पताल के ही एक कर्मचारी ने दोनों मजदूरों को 400 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी पर रखा था। यह काम बिल सेक्शन से संबंधित कर्मचारी ही गोपनीय तरीके से करा रहा था। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी नहीं थी। SECL हॉस्पिटल के क्लर्क दीपक जोशी ने बताया कि घटना की जानकारी उसे पता नहीं है। बाद में पता चला की मलबे में दबने से मजदूर की मौत हुई है। मजदूर पहले भी घर का काम कर चुका था, इसलिए बुलाया गया, लेकिन कब काम करने आए इसकी जानकारी नहीं है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed