{"_id":"66b0ca574ce0d3c80b0e2792","slug":"woman-gave-birth-to-a-child-on-the-roadside-in-jashpur-2024-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"jashpur: महिला ने सड़क किनारे दिया बच्चे को जन्म, दुकानदार और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता से दोनों सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
jashpur: महिला ने सड़क किनारे दिया बच्चे को जन्म, दुकानदार और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता से दोनों सुरक्षित
Mon, 05 Aug 2024 06:21 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Mon, 05 Aug 2024 06:21 PM IST
सार
जशपुर के कुनकुरी तहसील के नारायणपुर गांव में आज सुबह 11 बजे एक संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ घटना घटी, जिसमें एक पहाड़ी कोरवा महिला ने सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर शिशु को जन्म दिया।
विज्ञापन
महिला ने सड़क किनारे दिया बच्चे को जन्म
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जशपुर के कुनकुरी तहसील के नारायणपुर गांव में आज सुबह 11 बजे एक संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ घटना घटी, जिसमें एक पहाड़ी कोरवा महिला ने सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर शिशु को जन्म दिया। मकान मालकिन, दुकानदार और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और सक्रियता से समय से पहले हुए इस प्रसव में जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर किरण कांति कुजूर ने जानकारी दी कि प्रसूता बिंदेश्वरी बाई अपने ससुराल बछरांव जाने के लिए नारायणपुर बस स्टेशन के पास बस का इंतजार कर रही थी। वह एक सप्ताह से अपने मायके जाताकोना में थी और उसके भाई ने उसे बाइक से नारायणपुर छोड़ा था। इसी दौरान महिला को अचानक पेट में दर्द हुआ और वह सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर चली गई, जहां उसका मेम्ब्रेन फूटने से समय से 2 महीने पहले प्रसव हो गया। बालिका शिशु का वजन डेढ़ किलो है, जिसे कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिशु विशेषज्ञ जांच करेंगे।
विज्ञापन
बीएमओ को सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात नर्सों ने तत्काल मौके पर जाकर जच्चा-बच्चा को सकुशल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना में युवा व्यवसायी राहुल बंग और मकान मालकिन सपना सिंह की संवेदनशीलता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सपना सिंह ने बताया कि सावन सोमवार को शिव मंदिर से पूजा करके लौटते समय उन्होंने बाउंड्रीवाल के पास एक महिला को बच्चे को जन्म देते देखा। उन्होंने तुरंत पड़ोसी राहुल बंग को अस्पताल में खबर करने के लिए कहा और खुद वाहन की व्यवस्था की। महिला का बीपी बढ़ा हुआ था और वह खराब सड़कों में बाइक से झटके खाते हुए आई थी, जिससे यह घटना हुई।
विज्ञापन
डॉ. मीना कुजूर, लैब टेक्नीशियन समाप्रिया खाखा, स्टाफ नर्स दीपा टोप्पो और लिपिक किरण मिंज ने मौके पर पहुंचकर तत्काल उपचार किया और महिला व शिशु को अस्पताल पहुंचाया। इस घटना में शामिल सभी लोगों की संवेदनशीलता और तत्परता ने एक जीवनरक्षक भूमिका निभाई और जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखा।