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बस्तर दशहरे में आस्था से खिलवाड़: पूजा स्थल पर खा रहे थे बिरयानी, ग्रामीणों ने युवक को रस्सी से बांधकर पीटा
Tue, 23 Sep 2025 11:43 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 23 Sep 2025 11:43 AM IST
सार
बस्तर में चल रहे 75 दिनों के ऐतिहासिक दशहरा पर्व के दौरान सिरहासार भवन में विशाल रथ का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीण कारीगर परंपरा और आस्था के साथ इस कार्य में जुटे हैं। एक युवक शराब के नशे में धुत होकर भवन के भीतर बिरयानी खाने लगा।
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पूजा स्थल पर खा रहे थे बिरयानी, ग्रामीणों ने युवक को रस्सी से बांधकर पीटा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बस्तर दशहरे की पवित्र परंपराओं के बीच सोमवार की शाम एक युवक की हरकत ने विवाद खड़ा कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक नशे की हालत में सिरहासार भवन में घुस आया और वहां बिरयानी खाने लगा। रथ निर्माण कर रहे ग्रामीणों ने इसे आस्था का अपमान मानते हुए युवक को रस्सी से बांधकर जमकर पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बस्तर में चल रहे 75 दिनों के ऐतिहासिक दशहरा पर्व के दौरान सिरहासार भवन में विशाल रथ का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीण कारीगर परंपरा और आस्था के साथ इस कार्य में जुटे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार शाम एक युवक शराब के नशे में धुत होकर भवन के भीतर आया और वहां बैठकर बिरयानी खाने लगा। पहले तो मौजूद लोग समझ नहीं पाए, लेकिन जब उसकी हरकतें बढ़ीं तो कारीगरों का गुस्सा फूट पड़ा।
रस्सी से बांधकर दी सजा
ग्रामीणों का कहना है कि दशहरे का रथ श्रद्धा और अनुशासन के साथ तैयार किया जाता है। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति का नशे में धुत होकर भवन के भीतर खाना-पीना आस्था का खुला अपमान है। इसी नाराजगी के चलते युवक को रस्सी से बांधकर उसकी जमकर पिटाई की गई।
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वायरल वीडियो से मचा हंगामा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया है। लोग इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अधिकांश लोग कह रहे हैं कि दशहरे की आस्था पर इस तरह का खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी हुई है।
परंपरा से जुड़ी संवेदनशीलता
बस्तर दशहरा केवल धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। कारीगरों का कहना है कि दशहरा रथ का निर्माण पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ होता है, और इस तरह की हरकत न केवल माहौल को खराब करती है बल्कि परंपरा के अपमान के रूप में देखी जाती है।
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बस्तर में चल रहे 75 दिनों के ऐतिहासिक दशहरा पर्व के दौरान सिरहासार भवन में विशाल रथ का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीण कारीगर परंपरा और आस्था के साथ इस कार्य में जुटे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार शाम एक युवक शराब के नशे में धुत होकर भवन के भीतर आया और वहां बैठकर बिरयानी खाने लगा। पहले तो मौजूद लोग समझ नहीं पाए, लेकिन जब उसकी हरकतें बढ़ीं तो कारीगरों का गुस्सा फूट पड़ा।
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रस्सी से बांधकर दी सजा
ग्रामीणों का कहना है कि दशहरे का रथ श्रद्धा और अनुशासन के साथ तैयार किया जाता है। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति का नशे में धुत होकर भवन के भीतर खाना-पीना आस्था का खुला अपमान है। इसी नाराजगी के चलते युवक को रस्सी से बांधकर उसकी जमकर पिटाई की गई।
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वायरल वीडियो से मचा हंगामा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया है। लोग इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अधिकांश लोग कह रहे हैं कि दशहरे की आस्था पर इस तरह का खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी हुई है।
परंपरा से जुड़ी संवेदनशीलता
बस्तर दशहरा केवल धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। कारीगरों का कहना है कि दशहरा रथ का निर्माण पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ होता है, और इस तरह की हरकत न केवल माहौल को खराब करती है बल्कि परंपरा के अपमान के रूप में देखी जाती है।