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CG: बालोद जिले में दो दंतैल हाथियों की दस्तक, फसलों को पहुंचाया नुकसान; वन विभाग अलर्ट
Wed, 30 Apr 2025 05:11 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 30 Apr 2025 05:11 PM IST
सार
बालोद जिले में दो दंतैल हाथियों ने दस्तक दी और फसलों को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग ने दर्जनभर गांवों में मुनादी कर अलर्ट जारी किया और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
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दंतैल हाथी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक बार फिर हाथियों की दस्तक हुई है। इस बार दो दंतैल हाथियों ने प्रवेश के साथ ही फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया, जिससे वन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पिछले तीन वर्षों से बालोद का वन क्षेत्र हाथियों के विचरण के लिए उपयुक्त स्थान बना हुआ है, जिसके कारण हाथियों का यहां आना-जाना लगा रहता है। वन विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा है, वहीं दर्जनभर गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
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हाथियों की वर्तमान स्थिति
वन विभाग के अनुसार, धमतरी जिले की सीमा से दो दंतैल हाथी बालोद के वन क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। वर्तमान में ये हाथी गुरुर के चूल्हापथरा के पास RF 220 परिसर में हैं। वन विभाग उनकी लोकेशन की लगातार ट्रैकिंग कर रहा है और पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। आम लोगों और हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
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इन गांवों में अलर्ट
वन विभाग ने बिच्छिबहरा, खैरडिगी, धानापूरी, ओडेनाडीही, चूल्हापथरा, करियाटोला, हितेकसा, नगझर, मगचूवा, कोसमी, नाहंदा, गोटाटोला, नागबेल, मरकाटोला और नारागांव सहित कई गांवों को अलर्ट पर रखा है। इन गांवों के लोग दहशत में हैं, क्योंकि हाथी किसी भी समय नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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तीन साल में छह लोगों की मौत
पिछले तीन वर्षों में बालोद जिले में हाथियों के हमले में छह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वर्तमान में धान कटाई का समय है और पकी फसलों पर हाथियों का खतरा मंडरा रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा प्रदान करता है, लेकिन खतरा बरकरार है।
अधिकारी ने दी सलाह
उपवन मंडल अधिकारी डिंपी देश ने बताया कि हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने सलाह दी कि लोग सुबह के समय अकेले जलाशयों के पास न जाएं, क्योंकि हाथी पानी की तलाश में वहां आ सकते हैं। साथ ही, महुआ को घर के अंदर न रखें, क्योंकि इसकी गंध से आकर्षित होकर हाथी घरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। महुआ को घर से बाहर रखने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी और हाथियों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें।