फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Teachers appointed in all 16 teacherless schools in Gariaband CG

युक्तियुक्तकरण से बदल रही तस्वीर: गरियाबंद जिले के सभी 16 शिक्षकविहीन स्कूलों में हुई शिक्षकों की नियुक्ति

Thu, 12 Jun 2025 04:04 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Thu, 12 Jun 2025 04:04 PM IST
सार

Gariaband News: युक्तियुक्तकरण से छत्तीसगढ़ के स्कूलों की तस्वीर बदल रही है। गरियाबंद जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में अब शिक्षा की नई रोशनी फैल रही है।

विज्ञापन
Teachers appointed in all 16 teacherless schools in Gariaband CG
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

Gariaband News: युक्तियुक्तकरण से छत्तीसगढ़ के स्कूलों की तस्वीर बदल रही है। गरियाबंद जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में अब शिक्षा की नई रोशनी फैल रही है। वर्षों से जिन गांवों में शिक्षक नहीं थे, वहां अब नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत जिले के 16 शिक्षकविहीन स्कूलों में अब शिक्षक पदस्थ हो गए हैं।

विज्ञापन


यह जिले के मैनपुर, देवभोग, छुरा और गरियाबंद ब्लॉकों के मौहानाला, भीमाटीकरा, धुमरापदर, भरूवामुड़ा जैसे दूरस्थ गांवों के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए बड़ी राहत है। पहले इन स्कूलों में शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते थे और पालक चिंतित रहते थे।
विज्ञापन


जिले में अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग कर उन्हें उन स्कूलों में भेजा गया है, जहां एक भी शिक्षक नहीं था या केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था। अब जिले की प्राथमिक शाला अकलवारा, डोंगरीपाली कांदागढ़ी, मौहानाला, भीमाटीकरा, बोईरगांव, टीमनपुर, धमना, कुकरार, रावनसिंघी, अमलोर, पीपलाकन्हार, भरूवामुड़ा, नगबेल, ओड़ आदि सभी स्कूलों में शिक्षक तैनात हैं। देवभोग ब्लॉक में पहले ऐसे 6 हाई स्कूल थे जहां केवल एक शिक्षक था। अब इन स्कूलों में भी शिक्षकों की पूर्ण नियुक्ति कर दी गई है, जिससे सभी विषयों की पढ़ाई सही ढंग से हो पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैनपुर और देवभोग जैसे आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षक लंबे समय से नहीं जाना चाहते थे, जिससे शिक्षा व्यवस्था कमजोर थी। लेकिन अब युक्तियुक्तकरण के जरिए कुल्हाड़ीघाट, नकबेल, गोबरा, सहेबीनकछार जैसे गांवों में भी शिक्षक भेजे गए हैं। युक्तियुक्तकरण से पहले जिले में 167 स्कूल ऐसे थे जहां केवल एक शिक्षक पदस्थ था। अब इन स्कूलों में भी अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की गई है।


कलेक्टर  बी.एस. उईके के निर्देशन में इस प्रक्रिया को शासन के तय समय-सीमा में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। शिक्षक मिलने से गांवों में शिक्षा का माहौल बना है और ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अब उनके बच्चों को गांव में ही अच्छी शिक्षा मिलेगी और उन्हें दूर नहीं जाना पड़ेगा।  युक्तियुक्तकरण से गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और अब कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। यह पहल बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed