{"_id":"6927f5012945a763e9088907","slug":"successful-breakthrough-of-first-national-highway-tunnel-in-chhattisgarh-2025-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG News: तीन राज्यों की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई मजबूती, छत्तीसगढ़ में टनल निर्माण में बड़ी सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG News: तीन राज्यों की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई मजबूती, छत्तीसगढ़ में टनल निर्माण में बड़ी सफलता
Thu, 27 Nov 2025 12:21 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:21 PM IST
सार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे पर बनाई जा रही 2.79 किलोमीटर लंबी टनल का सफल ब्रेकथ्रू पूरा कर लिया है।
विज्ञापन
रायपुर-विजाग एक्सप्रेसवे परियोजना में बड़ी उपलब्धि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ ने बुनियादी ढांचे के विकास में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपनी पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग के निर्माण में महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे पर बनाई जा रही 2.79 किलोमीटर लंबी टनल का सफल ब्रेकथ्रू पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल परियोजना की गति का संकेत है, बल्कि तीन राज्यों छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम है।
टनल के लेफ्ट ट्यूब का ब्रेकथ्रू 30 सितंबर 2025 को पूरा किया जा चुका था। आज राइट ट्यूब के ब्रेकथ्रू के साथ दोनों हिस्सों का निर्माण निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है। यह सुरंग ट्विन-ट्यूब तकनीक से विकसित की जा रही है, जिसे आधुनिक सुरक्षा मानकों, उन्नत वेंटिलेशन सिस्टम और सुगम यातायात के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस टनल के चालू हो जाने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से ट्रैफ़िक का दबाव कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच 464 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य भी लगभग पूरा होने की कगार पर है। यह एक्सप्रेसवे रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम सहित कई प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों को जोड़ते हुए सीधा विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंच प्रदान करेगा। परियोजना को भारतमाला कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसके पूरा होने पर तीनों राज्यों के बीच औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों का मानना है कि यह टनल अगले कुछ वर्षों में मध्य भारत और पूर्वी तट के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का सबसे अहम हिस्सा बन जाएगी। इससे रायपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा न केवल कम समय में पूरी होगी, बल्कि परिवहन लागत भी घटेगी। राज्य सरकार ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल में एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया है।
विज्ञापन
टनल के लेफ्ट ट्यूब का ब्रेकथ्रू 30 सितंबर 2025 को पूरा किया जा चुका था। आज राइट ट्यूब के ब्रेकथ्रू के साथ दोनों हिस्सों का निर्माण निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है। यह सुरंग ट्विन-ट्यूब तकनीक से विकसित की जा रही है, जिसे आधुनिक सुरक्षा मानकों, उन्नत वेंटिलेशन सिस्टम और सुगम यातायात के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस टनल के चालू हो जाने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से ट्रैफ़िक का दबाव कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
विज्ञापन
रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच 464 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य भी लगभग पूरा होने की कगार पर है। यह एक्सप्रेसवे रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम सहित कई प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों को जोड़ते हुए सीधा विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंच प्रदान करेगा। परियोजना को भारतमाला कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसके पूरा होने पर तीनों राज्यों के बीच औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों का मानना है कि यह टनल अगले कुछ वर्षों में मध्य भारत और पूर्वी तट के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का सबसे अहम हिस्सा बन जाएगी। इससे रायपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा न केवल कम समय में पूरी होगी, बल्कि परिवहन लागत भी घटेगी। राज्य सरकार ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल में एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया है।