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छत्तीसगढ़: छात्रावास में आत्महत्या से पहले पिता से कहा था - 'घर ले चलो', सुबह आई बेटे की मौत की खबर
Sun, 15 Mar 2026 09:58 AM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, कोरिया
अमर उजाला नेटवर्क, कोरिया
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Sun, 15 Mar 2026 09:58 AM IST
सार
आत्महत्या से पहले छात्र ने अपने पिता से फोन पर बात करते हुए रोते-रोते घर ले जाने की गुहार लगाई थी। पिता ने उसे समझाते हुए सुबह लेने आने की बात कही, लेकिन सुबह होने से पहले ही बेटे की मौत की खबर आ गई।
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छात्रावास में आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले के कटगोड़ी स्थित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में 13 मार्च की रात एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र की पहचान सुरेश सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले उसने अपने पिता से फोन पर बात करते हुए रोते-रोते घर ले जाने की गुहार लगाई थी। पिता ने उसे समझाते हुए सुबह लेने आने की बात कही, लेकिन सुबह होने से पहले ही बेटे की मौत की खबर आ गई। इस घटना ने छात्रावास की व्यवस्था और वहां के माहौल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक छात्र सुरेश सिंह पढ़ाई के साथ-साथ खेल और छात्र हित के मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहता था। परिजनों का आरोप है कि होली के दौरान जब सुरेश घर आया था तब उसने बताया था कि छात्रावास अधीक्षक और एक कर्मचारी उस पर फुटबॉल प्रतियोगिता में जीती गई करीब एक लाख रुपये की राशि बैंक से निकलवाने का दबाव बना रहे थे। सुरेश का कहना था कि यह पैसा टीम के सभी खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री खरीदने में खर्च होना चाहिए, इसलिए वह राशि निकालने का विरोध कर रहा था।
परिजनों के अनुसार सुरेश छात्र हित के मुद्दों को लेकर मुखर था और छात्रावास की अव्यवस्थाओं की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट भी गया था। आरोप है कि इस बात की जानकारी मिलने के बाद अधीक्षक ने नाराजगी जताते हुए ज्यादा बोलने वाले छात्रों की सूची बनाकर उन्हें फेल कराने तक की धमकी दी थी।
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इधर, घटना की सूचना मिलते ही सोनहत एसडीएम अनसुल वर्मा छात्रावास पहुंचे और कई घंटों तक अन्य छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि होली की छुट्टी के बाद घर से लौटने के बाद से सुरेश कुछ गुमसुम रहने लगा था। वहीं, प्रशासन का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जांच जारी है, इसलिए अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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मृतक छात्र सुरेश सिंह पढ़ाई के साथ-साथ खेल और छात्र हित के मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहता था। परिजनों का आरोप है कि होली के दौरान जब सुरेश घर आया था तब उसने बताया था कि छात्रावास अधीक्षक और एक कर्मचारी उस पर फुटबॉल प्रतियोगिता में जीती गई करीब एक लाख रुपये की राशि बैंक से निकलवाने का दबाव बना रहे थे। सुरेश का कहना था कि यह पैसा टीम के सभी खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री खरीदने में खर्च होना चाहिए, इसलिए वह राशि निकालने का विरोध कर रहा था।
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परिजनों के अनुसार सुरेश छात्र हित के मुद्दों को लेकर मुखर था और छात्रावास की अव्यवस्थाओं की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट भी गया था। आरोप है कि इस बात की जानकारी मिलने के बाद अधीक्षक ने नाराजगी जताते हुए ज्यादा बोलने वाले छात्रों की सूची बनाकर उन्हें फेल कराने तक की धमकी दी थी।
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इधर, घटना की सूचना मिलते ही सोनहत एसडीएम अनसुल वर्मा छात्रावास पहुंचे और कई घंटों तक अन्य छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि होली की छुट्टी के बाद घर से लौटने के बाद से सुरेश कुछ गुमसुम रहने लगा था। वहीं, प्रशासन का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जांच जारी है, इसलिए अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।