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CG: बीजापुर में नक्सलियों से लोहा लेते हुए बालोद का लाल शहीद, गांव में पसरा मातम; इंतजार में बैठे परिजन
Sun, 09 Feb 2025 10:44 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 09 Feb 2025 10:44 PM IST
सार
बीजापुर में हुई मुठभेड़ में बालोद जिले के रहने वाले एसटीएफ जवान वसित रावटे बलिदान हो गए। सूचना मिलते ही उनके गांव में मातम पसर गया। सभी उन्हें अंतिम बार देखने का इंतजार कर रहे हैं।
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बलिदान जवान का फाइल फोटो और ग्रामीण व परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बालोद जिले के डोंडी ब्लॉक के ग्राम पेंडरवानी के रहने वाले एसटीएफ जवान वसित रावटे (33) नक्सलियों से लोहा लेते हुए बलिदान हो गए। जिला बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया कमेटी क्षेत्र के अंतर्गत जंगल में डीआरजी, एसटीएफ एवं बस्तर फाइटर की संयुक्त पार्टी और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। जैसे ही शाम को ग्राम फागुनदाह में यह बात पहुंची तो गांव में मातम पसर गया। सभी परिजन जवान के घर एकत्र हो गए। बलिदान हुए जवान ने अपने पीछे अपनी दो बेटियों पत्नी और मां-बाप को छोड़ दिया है। 10 साल पहले उसने नौकरी ज्वाइन की थी।
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शहीद के भाई उत्तम कुमार ने बताया कि शाम को जब पहली खबर आई तो उनके अधिकारियों ने बताया कि भाई को गोली लगी है। इस दौरान वह गांव से बाहर जा रहे थे। फिर थोड़ी देर बाद फिर से फोन आया तो बताया कि उनके भाई बलिदान हो गए। इसके बाद वह गांव पहुंचकर सभी अपने परिजनों को एकत्र कर इसकी जानकारी दी। गांव में सभी दुखी हैं। मेरा भाई एकदम सीधा-सादा था, लेकिन हमें अपने भाई पर आज गर्व है। उनके भाई ने बताया कि जिला पुलिस के अधिकारी भी जानकारी देने आए थे। बस हम सब अपने भाई को अंतिम बार देखने का इंतजार कर रहे हैं।
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गर्व है दोस्त पर
शहीद वसित के घर में दोस्त, यार और भाई सभी इकट्ठे हैं। रात बेचैनी में उनकी गुजर रही है। अलाव जलाकर सभी एक-दूसरे से दुख बांट रहे हैं। वसित के दोस्त ने बताया कि हम साथ स्कूल जाते थे, खेलते थे, हम किसान बन गए और वो जवान, लेकिन आज जो खबर मिली उससे हम स्तब्ध हैं। उसने जल्दी आने का वादा किया था। हमने नहीं सोचा था कि हमारा भाई तिरंगे में लिपट कर आएगा। गांव वालों ने बताया हमें गर्व है कि हमारा भाई कई नक्सलियों को मारकर शहीद हुआ है।
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