{"_id":"6a4761a79be53505200c7e9c","slug":"state-government-s-big-decision-government-employees-will-now-get-easy-loans-from-e-fund-read-the-full-news-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG News: राज्य सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी कर्मचारियों को अब ई-कोष से मिलेगा आसान लोन, पढ़ें पूरी खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG News: राज्य सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी कर्मचारियों को अब ई-कोष से मिलेगा आसान लोन, पढ़ें पूरी खबर
Fri, 03 Jul 2026 12:46 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:46 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए अल्पावधि ऋण (शॉर्ट टर्म क्रेडिट) सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी आकस्मिक जरूरतों के समय डिजिटल माध्यम से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए अल्पावधि ऋण (शॉर्ट टर्म क्रेडिट) सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी आकस्मिक जरूरतों के समय डिजिटल माध्यम से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया राज्य शासन की ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली से जुड़ी होगी, जिससे ऋण वितरण तेज, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर शुरू की गई इस सुविधा का उद्देश्य कर्मचारियों को चिकित्सा, शिक्षा, पारिवारिक जरूरतों या अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अनौपचारिक या महंगे कर्ज के विकल्पों पर निर्भर न रहना पड़े।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद ई-केवाईसी, डिजिटल सत्यापन और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने पर ऋण स्वीकृत कर राशि उपलब्ध कराई जाएगी। ऋण की मासिक किस्तें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीधे वेतन से काटी जाएंगी।
विज्ञापन
सरकार के अनुसार, आवेदन से पहले कर्मचारियों को ब्याज दर, ईएमआई, सेवा शुल्क और की फैक्ट स्टेटमेंट (KFS) जैसी सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे पूरी जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।
वित्त विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है। इसके तहत डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और डिजिटल प्रमाणीकरण के सभी मानकों का पालन किया जाएगा। कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग केवल उनकी सहमति से किया जाएगा और सभी लेन-देन सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होंगे।
सरकार का मानना है कि इस पहल से शासकीय कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और उन्हें जरूरत के समय बिना अनावश्यक औपचारिकताओं के त्वरित वित्तीय सहायता मिल सकेगी। साथ ही यह व्यवस्था राज्य में डिजिटल प्रशासन और कर्मचारी हितैषी शासन को भी मजबूती देगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर शुरू की गई इस सुविधा का उद्देश्य कर्मचारियों को चिकित्सा, शिक्षा, पारिवारिक जरूरतों या अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अनौपचारिक या महंगे कर्ज के विकल्पों पर निर्भर न रहना पड़े।
विज्ञापन
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद ई-केवाईसी, डिजिटल सत्यापन और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने पर ऋण स्वीकृत कर राशि उपलब्ध कराई जाएगी। ऋण की मासिक किस्तें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीधे वेतन से काटी जाएंगी।
विज्ञापन
सरकार के अनुसार, आवेदन से पहले कर्मचारियों को ब्याज दर, ईएमआई, सेवा शुल्क और की फैक्ट स्टेटमेंट (KFS) जैसी सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे पूरी जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।
वित्त विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है। इसके तहत डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और डिजिटल प्रमाणीकरण के सभी मानकों का पालन किया जाएगा। कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग केवल उनकी सहमति से किया जाएगा और सभी लेन-देन सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होंगे।
सरकार का मानना है कि इस पहल से शासकीय कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और उन्हें जरूरत के समय बिना अनावश्यक औपचारिकताओं के त्वरित वित्तीय सहायता मिल सकेगी। साथ ही यह व्यवस्था राज्य में डिजिटल प्रशासन और कर्मचारी हितैषी शासन को भी मजबूती देगी।