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Chhattisgarh: कोंडागांव में बेटे ने पूरी की मां की अंतिम इच्छा, मेडिकल कॉलेज को दान किया मां का पार्थिव शरीर
Thu, 15 May 2025 05:45 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 15 May 2025 05:45 PM IST
सार
कोंडागांव के एक बेटे ने अपनी मां के पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया। बेटे ने बताया कि मां की अंतिम इच्छा थी कि मृत्यु के बाद उनके शरीर को दान कर दिया जाए, ताकि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई में मदद हो।
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बेटे ने दान किया मां का पार्थिव शरीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पटेलपारा थाना क्षेत्र के भीरागांव में रहने वाले एक शिक्षक के बेटे ने अपनी मां की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को दान कर दिया। मृतका मनक बाई नेताम (65) ने जीवनकाल में बेटों से कहा था कि उनके निधन के बाद उनके शरीर को मेडिकल छात्रों की पढ़ाई के लिए दान कर दिया जाए।
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मनक बाई के बेटे त्रिनाथ ने बताया कि उनकी मां ने कभी स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की थी, लेकिन वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहती थी। उनके पति सोमारू राम एक शिक्षक थे, जिनका निधन 2003 में हो गया था। पति के निधन के बाद मनक बाई ने अकेले ही अपने छह बच्चों (तीन बेटियां और तीन बेटों) का पालन-पोषण किया, उनकी शिक्षा दी और उनका विवाह करवाया। त्रिनाथ ने बताया कि उनके पिता की नौकरी उनके मझले भाई को मिली थी।
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मनक बाई भजन-भक्ति में लीन रहती थी और हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहती थी। उन्होंने अपने बेटों से स्पष्ट रूप से कहा था कि उनके निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए, ताकि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई में इसका उपयोग हो सके। 65 वर्ष की आयु में मनक बाई ने अपने घर में अंतिम सांस ली। उनके बेटों ने मां की इच्छा का सम्मान करते हुए मेकाहारा मेडिकल कॉलेज (मेकाज) के डॉक्टरों से संपर्क किया।
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गुरुवार सुबह परिजनों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ मनक बाई के पार्थिव शरीर को मेकाज के डीन डॉ. प्रदीप बेक और एनाटॉमी विभाग की एचओडी डॉ. गीतिका नेलकुमार को सौंप दिया। इस नेक कार्य के लिए परिजनों और मृतका की सराहना की जा रही है, जिन्होंने अपनी अंतिम इच्छा के माध्यम से समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।