छत्तीसगढ़: महाधिवक्ता कनक तिवारी हटाए गए, फेसबुक पर लिखा- मैंने इस्तीफा दिया ही नहीं
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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के महाधिवक्ता कनक तिवारी को हटा कर नए महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा की नियुक्ति कर दी है। राज्य के विधि और विधायी कार्य विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि कनक तिवारी के स्थान पर सतीश चन्द्र वर्मा को तत्काल प्रभाव से महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त किया जाता है।
कांग्रेस सरकार में हुई इस कार्रवाई के बाद विवाद भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जहां कनक तिवारी का इस्तीफा मंजूर करने की बात कही है, वहीं तिवारी का कहना है कि उन्होंने इस्तीफा दिया ही नहीं है।
बघेल ने रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल में मीडिया से बातचीन में कहा कि कनक तिवारी का इस्तीफा मिला है और उनके स्थान पर दूसरी नियुक्ति भी कर दी गई है। वहीं कनक तिवारी ने अपने फेसबुक एकाउंट से एक के बाद एक पोस्ट कर इस्तीफा नहीं देने की बात कही है।
फेसबुक पोस्ट में कहा- मुख्यमंत्री से बात करूंगा
तिवारी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि मैं पूरी दृढ़ता से कह रहा हूं कि मैंने महाधिवक्ता पद से इस्तीफा नहीं दिया है। सभी मित्रों से अनुरोध है कि मेरी बात मान लें, मैंने इस्तीफा नहीं दिया है। वह पत्र मुझे दिखाएं कि मैंने कब इस्तीफा दिया है। जो इस्तीफा दिया ही नहीं गया वह मंजूर कैसे होगा, मैं मुख्यमंत्री जी से बात करूंगा।
हाईकोर्ट से जांच की मांग
इधर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे) ने उच्च न्यायालय से अनुरोध किया है कि वह स्वयं संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच करे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि कनक तिवारी का स्पष्ट कहना है कि जब उन्होंने इस्तीफा दिया ही नहीं, तो मुख्यमंत्री ने उसे कैसे मंजूर कर लिया और रातों-रात नए महाधिवक्ता की नियुक्ति भी कर दी।
जोगी ने कहा कि कनक तिवारी के इस कथन से राज्य पर संवैधानिक संकट छा गया है। महाधिवक्ता जैसे संवैधानिक पद के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ करना मुख्यमंत्री को बिलकुल शोभा नहीं देता है। उन्होंने कहा है कि आखिर क्या कारण है कि कनक तिवारी जैसे वरिष्ठ अधिवक्ता को इस तरह अपमानित करके बर्खास्त किया गया है।
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