फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Social Boycott Of Whole Family For Playing Bike Horn in Chhattisgarh Rajnandgaon

हॉर्न पर 'हॉरर' जुर्माना: आवाज से वृद्धा सड़क पर गिरी तो परिवार का किया बहिष्कार, अब मांग रहे 50 हजार और भोज

Tue, 21 Mar 2023 10:40 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजनांदगांव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजनांदगांव Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Tue, 21 Mar 2023 10:40 PM IST
सार

अपर कलेक्टर सीएल मार्कंडेय ने कहा कि जन चौपाल में आज एक ग्रामीण ने जो कि कोलिहापुरी निवासी हैं। उन्होने परिवार के बहिष्कार संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन पर संबंधित टीआई और तहसीलदार को भेजकर वस्तुस्थिति जानकर और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
Social Boycott Of Whole Family For Playing Bike Horn in Chhattisgarh Rajnandgaon
शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा परिवार। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में महज बाइक के हॉर्न पर डराने वाला जुर्माना गांव वालों ने एक परिवार पर कर दिया है। पूरे परिवार का बहिष्कार कर उन्हें गांव से निकाल दिया गया है। अब वापस बुलाने के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना और गांव को भोज कराने की मांग की जा रही है। परिवार की गलती सिर्फ इतनी है कि उसके एक सदस्य की बाइक के हॉर्न की आवाज सुनकर वृद्ध महिला सड़क पर गिर पड़ी थी। आरोप है कि बाइक सवार ने उसे ठोकर मारी है। फिलहाल परिवार ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जन चौपाल में शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई है। मामला डोंगरगढ़ क्षेत्र का है। 

विज्ञापन




ग्राम कोलिहापुरी निवासी गायत्री बाई वर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले उनका बेटा विनय वर्मा खेत जा रहा था। इस दौरान रास्ते में एक वृद्ध महिला खड़ी थी। वहीं पानी और कीचड़ भरा था। विनय ने बाइक का हॉर्न बजाया तो महिला हड़बड़ा गई और नीचे गिर पड़ी। विनय वहां रुका, लेकिन बाइक पर रखी फसल बंधी नहीं होने के कारण वह महिला को उठा नहीं पाया। इस बीच आसपास की महिलाएं पहुंची और वृद्धा को उठाया। इसके बाद वृद्धा अपने घर चली गई। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोग पहुंचे और परिवार के साथ गाली-गलौज करते हुए 25 हजार रुपये अर्थदंड देने का दबाव बनाने लगे। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन




गायत्री ने बताया कि जब उन्होंने विरोध किया तो पूरे परिवार का बहिष्कार कर दिया गया। गांव के सभी लोगों से बात करने से मना कर दिया गया। इसके बाद से ही गांव के कुछ लोग मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। यहां तक कि सास का निधन होन पर जब उनकी ननद अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंची तो उसका भी बहिष्कार कर दिया और जुर्माने की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी। इसके अलावा गांव के लोग उसके और ननद दोनों के परिवार से अलग-अलग भोज कराने का भी दबाव बना रहे हैं। उन्होंने अपनी बात भी रखी, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed