{"_id":"100e5de4-92d8-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"salary-of-ministers-and-mla-increased-in-chhattisgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब चार गुना ज्यादा वेतन पाएंगे मंत्री ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब चार गुना ज्यादा वेतन पाएंगे मंत्री
रायपुर/इंटरने डेस्क
Updated Fri, 22 Mar 2013 03:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ में विधायकों के वेतन बढ़ने संबंधी विधेयक पारित हो गया है। इस विधेयक के बाद विधानसभा अध्यक्ष उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष एवं मंत्रियों का वेतन बढ़कर चार गुना हो गया है और निर्वाचन क्षेत्र भत्ते में तीन गुना वृद्घि हुई है।
विज्ञापन
साथ ही पूर्व विधायकों का चिकित्सा भत्ता भी ढाई हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर दस हजार रुपए प्रतिमाह करने का विधेयक भी बुधवार को पारित कर दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष एवं मंत्रियों का वेतन बढ़ाने संबंधी विधेयक विधानसभा में बिना किसी चर्चा के 10 मिनट के भीतर सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
विज्ञापन
इसी तरह विधायकों का वेतन बढ़ाने संबंधी संशोधन विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हो गया। इस पर करीब 15 मिनट तक चर्चा हुई। सभी विधेयक 27 मिनट के भीतर ही पारित कर दिए गए।
विज्ञापन
संसदीय कार्यमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने परंपरा के तहत बिना किसी चर्चा के सर्वसम्मति से विधेयकों को पारित करने का आग्रह किया। विधानसभा में तीनों विधेयकों पर चर्चा के लिए 15-15 मिनट का समय निर्धारित था।
बृजमोहन अग्रवाल ने वेतन-भत्ता बढ़ाने संबंधी विधेयक पेश करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में विधायकों का प्रोटोकाल मुख्य सचिव से ऊपर होता है पर वेतन काफी कम है।
उनको जितना वेतन मिलता है उतने में वे मुलाकात करने वालों को चाय पिलाएंगे तो उसी में खत्म हो जाएगा। साथ ही पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने भी वेतन-भत्तों में वृद्घि की जरूरत बताई।
विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री का वेतन 7 हजार से बढ़कर 30 हजार रुपए, मंत्रियों का वेतन 7 हजार से बढ़कर 27 हजार रुपए और संसदीय सचिवों का वेतन 7 हजार से बढ़कर 20 हजार रुपए प्रतिमाह हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष का वेतन भी 7 हजार से बढ़कर 27 हजार रुपए प्रतिमाह और निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 8 हजार से बढ़कर 27 हजार रुपए प्रतिमाह हो गया है।
साथ ही विधानसभा अध्यक्ष का वेतन 7 हजार से बढ़कर 28 हजार रुपए प्रतिमाह और उपाध्यक्ष का 25 हजार रुपए प्रतिमाह किया गया है। इसी तरह निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 8 हजार से बढ़ाकर 27 हजार रुपए और अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों का दैनिक भत्ता बढ़ाकर 1200 रुपए प्रतिदिन किया गया है।