फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Revenue records missing in Balod

Balod: राजस्व के रिकॉर्ड गायब, विभाग ने नहीं की कोई कार्रवाई; भटक सकते हैं किसान

Thu, 03 Apr 2025 03:50 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Published by: श्याम जी. Updated Thu, 03 Apr 2025 03:50 PM IST
सार

गुरूर ब्लॉक के पटवारी हल्का नंबर-4 के दो गांव जिसमें ग्राम पलारी और भिराई शामिल हैं। यहां 10 वर्षों से नामांतरण की पंजी गायब हो चुकी है और उसे तत्कालीन समय के पटवारी ने बिना पणजी के ही अपना चार्ज छोड़ दिया था। 

विज्ञापन
Revenue records missing in Balod
तहसील कार्यालय गुरूर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक के ग्राम पलारी और भीराई के रिकॉर्ड गायब हो चुके हैं। वर्ष 2015-16 के रिकॉर्ड आज तक पटवारी हल्का में जमा नहीं हुए हैं और इतनी बड़ी लापरवाही पर राजस्व विभाग की तरफ से अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जब सूचना के अधिकार के माध्यम से अवलोकन के लिए लगाया गया था तो तहसीलदार हनुमंत श्याम ने अनोखा जवाब प्रस्तुत किया। बाद में टेलिफोनिक पूछने पर उन्होंने कहा कि जो रिकॉर्ड हमारे पास नहीं है, उसका अवलोकन हम कैसे कर सकते हैं। वहीं, पूरे मामले में अपराध पंजीबद्ध होना था, लेकिन अब तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं, कलेक्टर द्वारा भी मामले को संज्ञान में लेते हुए अपर कलेक्टर के माध्यम से मामले की जांच कराने कही गई है। 

विज्ञापन


पटवारी हल्का नंबर-4 का मामला
बता दें कि जिले के गुरूर ब्लॉक के पटवारी हल्का नंबर-4 के दो गांव जिसमें ग्राम पलारी और भिराई शामिल हैं। यहां 10 वर्षों से नामांतरण की पंजी गायब हो चुकी है और उसे तत्कालीन समय के पटवारी ने बिना पणजी के ही अपना चार्ज छोड़ दिया था। वहीं, अब इसके बाद जितने भी पटवारी वहां पहुंचे हैं। उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, यदि किसानों को उसे समय के राजस्व रिकॉर्ड निकालने हैं, जमीन दुरुस्त करना है तो वह इस कार्य को नहीं कर पाएंगे और इसका नाम ऑन को लेकर राजस्व विभाग में उदासीनता स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है।
विज्ञापन


रिकॉर्ड दुरुस्त करने ने होगी दिक्कत
पटवारी लीलाधर साहू से जब हमने जानकारी ली तो बताया कि वर्ष 2015-16 के रिकॉर्ड हमारे पास उपलब्ध नहीं है, जब हमने पूछा कि आप ऐसे में कैसे करते हो तो उन्होंने बताया कि कई किसान इस विषय को लेकर काफी परेशान हैं, जिसके कारण मुझे भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जब तक राजस्व के उसे रिकॉर्ड को ऑनलाइन नहीं चढ़ाया जाएगा तब तक कोई जमीन दुरुस्त नहीं किया जा सकता और ना ही कोई रिकॉर्ड सर्च किया जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के लिए रिकॉर्ड की काफी आवश्यकता होती है और मुझे नहीं पता कि यहां रिकॉर्ड कब से गायब है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


तत्कालीन पटवारी का मामला
यह मामला तत्कालीन पटवारी दिलीप सिन्हा के समय का मामला है। वहीं, यहां पर उसके बाद जॉइनिंग लेने वाले पटवारी शांतिलाल साहू ने बताया कि उसने मुझे पंजी नहीं दिया था और पंजी दिलीप सिन्हा के पास ही था। वहीं, दिलीप सिन्हा ने कहा कि मैने तहसीलदार को नामांतरण पंजी के संदर्भ में पूरी जानकारी दे दी है। वहीं, जिस पटवारी को मैंने चार्ज दिया था, उसने किस आधार पर रिकार्ड दुरुस्त किया यह भी बड़ा सवाल है। जब उसके पास पंजी नहीं था तो उसने रिकॉर्ड कैसे दुरुस्त किया मैंने सारी जिम्मेदारी और पंजी अपने पद छोड़ने के साथ ही आने वाले पटवारी को दे दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed