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एक दिन की अध्यक्ष बनीं रवीना, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष बनकर भुखमरी से लड़ने की योजना बताई
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Mon, 20 Nov 2017 05:28 PM IST
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छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग में रवीना एक्का
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अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग और यूनिसेफ ने सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का विषय था "किड्स टेक ओवर"। इसमें छत्तीसगढ़ में चलने वाले और बच्चों द्वारा संचालित मीडिया "संगवारी खबरिया" के 13 बच्चों ने शिरकत की।
इन बच्चों में से एक 17 साल की रवीना एक्का सोमवार को एक दिन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष बनीं। उन्होंने सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग और आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष एम गीता की उपस्थिति में अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया और आयोग का कामकाज समझा।
इस मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष एम गीता ने जब उनसे सवाल किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग को बच्चों के लिए किस तरह काम करना चाहिए। इस सवाल के जवाब में एक दिन के लिए अध्यक्ष बनीं रवीना ने कहा की, 'आयोग को बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए पूरे राज्य में विशेष कार्यक्रम करने चाहिए और आंगनवाड़ियों में माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देते हुए योजनाएं बनानी चाहिए। और ये सुनिश्चित करना चाहिए कि इन योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके जिससे कुपोषण और भूखमरी के खिलाफ लड़ाई जीती जा सके।'
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इन बच्चों में से एक 17 साल की रवीना एक्का सोमवार को एक दिन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष बनीं। उन्होंने सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग और आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष एम गीता की उपस्थिति में अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया और आयोग का कामकाज समझा।
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इस मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष एम गीता ने जब उनसे सवाल किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग को बच्चों के लिए किस तरह काम करना चाहिए। इस सवाल के जवाब में एक दिन के लिए अध्यक्ष बनीं रवीना ने कहा की, 'आयोग को बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए पूरे राज्य में विशेष कार्यक्रम करने चाहिए और आंगनवाड़ियों में माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देते हुए योजनाएं बनानी चाहिए। और ये सुनिश्चित करना चाहिए कि इन योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके जिससे कुपोषण और भूखमरी के खिलाफ लड़ाई जीती जा सके।'
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