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सीजी एमबीबीएस काउंसिलिंग में चौंकाने वाला ट्रेंड:नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों से ऊपर पहुंचा निजी संस्थानों का कटऑफ
Thu, 27 Aug 2026 05:36 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 27 Aug 2026 05:36 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रथम चरण की काउंसिलिंग में नया रुझान सामने आया है। राज्य के नए सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों की तुलना में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की प्रबंधन सीटों का कटऑफ अधिक दर्ज हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रथम चरण की काउंसिलिंग में नया रुझान सामने आया है। राज्य के नए सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों की तुलना में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की प्रबंधन सीटों का कटऑफ अधिक दर्ज हुआ है। पहले चरण में प्रबंधन कोटे के तहत अधिकतम 549 नीट अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को सीट मिली है, जबकि नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में 511 अंक तक सीटें आवंटित की गई हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रथम चरण की सूची में एमबीबीएस की 2,175 और बीडीएस की 385 सीटों का आवंटन हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रबंधन सीटों का कटऑफ बढ़ने का मुख्य कारण अन्य राज्यों से आने वाले अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या है। कई राज्यों में प्रबंधन कोटे की सीटें उपलब्ध न होने के कारण छात्र छत्तीसगढ़ का रुख कर रहे हैं। दूसरे प्रदेशों की तुलना में यहां के निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में शुल्क अपेक्षाकृत कम होना भी इसका प्रमुख कारण है। अन्य राज्यों के अभ्यर्थी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में राज्य कोटे के तहत प्रवेश पाने के पात्र नहीं हैं, परंतु वे प्रबंधन कोटे में आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे केंद्र स्तर पर होने वाली काउंसिलिंग के माध्यम से ऑल इंडिया कोटे द्वारा सरकारी महाविद्यालयों में प्रवेश ले सकते हैं।
अभ्यर्थियों को 29 अगस्त से 3 सितंबर के मध्य संबंधित संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्रवेश से पूर्व दस्तावेज का सत्यापन करवाना अनिवार्य है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवकाश के बाद भी रविवार को प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस सीट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित अवधि में प्रवेश लेना अनिवार्य किया गया है। समय पर प्रवेश न लेने की स्थिति में अभ्यर्थी इस सत्र की आगामी काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। हालांकि यह नियम सरकारी दंत चिकित्सा महाविद्यालयों तथा निजी महाविद्यालयों की सीटों पर लागू नहीं होगा।
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पहले चरण में सरकारी और निजी संस्थानों की कुल 3,025 सीटों में से 2,175 सीटें आवंटित हुई हैं। सरकारी संस्थानों में रायपुर में 204, दुर्ग में 156, सिम्स बिलासपुर में 120, कोरबा में 101 तथा अंबिकापुर में 100 सीटों का आवंटन किया गया है। निजी महाविद्यालयों में श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज की 239, रिम्स की 128, शंकराचार्य की 143, अभिषेक की 121, रावतपुरा की 76 तथा पद्मावती मेडिकल कॉलेज की 76 सीटें आवंटित की गई हैं। प्रदेश के छह निजी महाविद्यालयों की एनआरआई कोटे की 192 सीटों में से केवल 32 अभ्यर्थी पात्र पाए हैं, जिनमें से 22 सीटें श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज को आवंटित हुई हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार, प्रबंधन सीटों का कटऑफ बढ़ने का मुख्य कारण अन्य राज्यों से आने वाले अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या है। कई राज्यों में प्रबंधन कोटे की सीटें उपलब्ध न होने के कारण छात्र छत्तीसगढ़ का रुख कर रहे हैं। दूसरे प्रदेशों की तुलना में यहां के निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में शुल्क अपेक्षाकृत कम होना भी इसका प्रमुख कारण है। अन्य राज्यों के अभ्यर्थी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में राज्य कोटे के तहत प्रवेश पाने के पात्र नहीं हैं, परंतु वे प्रबंधन कोटे में आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे केंद्र स्तर पर होने वाली काउंसिलिंग के माध्यम से ऑल इंडिया कोटे द्वारा सरकारी महाविद्यालयों में प्रवेश ले सकते हैं।
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अभ्यर्थियों को 29 अगस्त से 3 सितंबर के मध्य संबंधित संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्रवेश से पूर्व दस्तावेज का सत्यापन करवाना अनिवार्य है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवकाश के बाद भी रविवार को प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस सीट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित अवधि में प्रवेश लेना अनिवार्य किया गया है। समय पर प्रवेश न लेने की स्थिति में अभ्यर्थी इस सत्र की आगामी काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। हालांकि यह नियम सरकारी दंत चिकित्सा महाविद्यालयों तथा निजी महाविद्यालयों की सीटों पर लागू नहीं होगा।
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पहले चरण में सरकारी और निजी संस्थानों की कुल 3,025 सीटों में से 2,175 सीटें आवंटित हुई हैं। सरकारी संस्थानों में रायपुर में 204, दुर्ग में 156, सिम्स बिलासपुर में 120, कोरबा में 101 तथा अंबिकापुर में 100 सीटों का आवंटन किया गया है। निजी महाविद्यालयों में श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज की 239, रिम्स की 128, शंकराचार्य की 143, अभिषेक की 121, रावतपुरा की 76 तथा पद्मावती मेडिकल कॉलेज की 76 सीटें आवंटित की गई हैं। प्रदेश के छह निजी महाविद्यालयों की एनआरआई कोटे की 192 सीटों में से केवल 32 अभ्यर्थी पात्र पाए हैं, जिनमें से 22 सीटें श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज को आवंटित हुई हैं।