Investigation: साप्ताहिक बाजार लगाने दे दी सरकारी जमीन, हो रहा लाखों का नुकसान, हाउसिंग बोर्ड के ईई का कारनामा
हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता (ईई) ने एक निजी समिति को कॉलोनी में साप्ताहिक बाजार लगाने के लिए फ्री में जमीन दे दी है। इससे छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को हर सप्ताह या महीने में लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
विस्तार
अधिकारी नियम-कायदे कानून का कैसे दुरुपयोग करते हैं। इसका उदाहरण रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सेजबहार में देखने को मिला है। यहां के हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता (ईई) ने एक निजी समिति को कॉलोनी में साप्ताहिक बाजार लगाने के लिए फ्री में जमीन दे दी है। इससे छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को हर सप्ताह या महीने में लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। यह रुपया सरकारी खाते में न जाकर समिति संचालकों की जेब गरम कर रहा है। उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचा रहा है।
ईई ने यहां पर बिना टेंडर निकाले ही साप्ताहिक बाजार लगाने के लिए जन कल्याण समिति को खाली पड़ी सरकारी जमीन दे दी है। साप्ताहिक बाजार लगनी भी शुरू हो गई है। इस बाजार से प्रभावित होने वाले लोगों की शिकायत पर जब अमर उजाला टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। यहां के प्रभावितों ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ईई ने सरकारी नियम का उल्लंघन कर जन कल्याण समिति को साप्ताहिक बाजार लगाने के लिए अनुमति दी है, जो कि नियम के खिलाफ है। समिति के जिम्मेदारों ने सीमांकन से कहीं ज्यादा जमीन पर कब्जा कर रखा है। इसके लिए समिति ने बकायदा हर यहां सब्जी बाजार लगाने वाले लोगों और अन्य दुकानदारों से मनमानी शुल्क वसूलने की तैयारी कर रखी है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह से हर दुकानदार से 20-20 रुपए वसूला जाएगा।

सीमांकन कर किया कब्जा
साप्ताहिक बाजार लगा रही समिति ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय से लगी जमीन पर बाजार लगाने के लिए मूरूम गिराकर कब्जा कर रखा है। आरोप है कि हाउसिंग बोर्ड के ईई पूनमचंद अग्रवाल ने खुद मौके पर पहुंचकर अपनी निगरानी में सीमांकन भी कराया है। चर्चा है कॉलोनी में किराना दुकान चला रहे स्थानीय व्यापारियों की दुकानों पर ईई ने जेसीबी या अन्य कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।

इस कार्य के लिए आरक्षित है जगह
बता दें कि हाउसिंग बोर्ड आफिस से लगे खाली मैदान में अपने मास्टर प्लान के तहत स्कूल, हास्पिटल, पुलिस थाना और मार्केट के लिए आरक्षित है। पुलिस थाना मुजगहन चले जाने के कारण उक्त जगह को लंबे समय से सामुदायिक भवन के लिए मांग की जा रही है। लेकिन हाउसिंग बोर्ड नियमों का हवाला देकर आज तक सामुदायिक भवन के लिए जगह उपलब्ध नहीं करवा पाया है पर साप्ताहिक बाजार के लिए ईई ने नियम के विपरित निजी समिति को तुरंत जमीन उपलब्ध करा दी।
जानें, क्या कहता है बाइलाज
समिति के हस्तांतरण प्रपत्र के अनुसार, कालोनी में रिक्त आवासीय/ व्यावसायिक भूखंडों पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का स्वामित्व रहेगा। ऐसे में हाउसिंग बोर्ड ने किन शर्तो पर निजी समिति को बाजार के लिए जमीन उपलब्ध कराई है। इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस साप्ताहिक बाजार के लिए जमीन आवंटन के लिए कोई आम सूचना, विज्ञापन नहीं दिया गया है। किसी भी प्रकार का टेंडर भी नहीं निकाला गया है।
सेजबहार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मार्केट के लिए सिर्फ 996.90 SQM जमनी आरक्षित है, लेकिन 4 फरवरी 2023 को लगे साप्ताहिक बाजार में पूरे खाली स्थान में बाजार लगाया गया था। जिस निजी समिति को बाजार के लिए जगह उपलब्ध करवाया गया है। अनुबंध के मुताबिक 'साप्ताहिक बाजार' उसके अधिकार क्षेत्र के बाहर का है। वह सिर्फ कॉलोनी के भीतर ही बिजली,पानी, साफ-सफाई के लिए अनुबंधित है। बाजार के लिए स्थानीय व्यापारियों के साथ सार्वजनिक बैठक करके आम सहमति बनाई जानी थी पर उनका कहना है कि आम सहमति नहीं ली गई है। बाजार के लिए बाहरी व्यापारियों को आमंत्रित किया गया है। समिति के पदाधिकारीगण भी अपने लिए स्थान आरक्षित कर दुकान लगा रहे हैं। निजी समिति ने बिना नियम कानून प्रक्रिया के वसूली के लिए 20 रुपया दर निर्धारित किया है। जिसे शुरू में बिल्कुल पैसा नहीं लेने के लिए इंकार कर रहे हैं।
निजी समिति का बेतुका तर्क
निजी समिति ने अखबारों के हवाले से बताया कि कॉलोनी के व्यापारी अच्छी और ताजी सब्जी नहीं लाते हैं, इसलिए ये साप्ताहिक बाजार लगाया गया है।
सेजबहार हाउसिंग बोर्ड कालोनी में पहले से ही लगभग 100 से ज्यादा दुकाने हैं, जिसमें राशन और सब्जी की दुकाने सबसे ज्यादा हैं। 4 फरवरी 2023 को स्थानीय व्यापारियों का व्यापार बहुत प्रभावित हुआ है। धंधा नहीं के बराबर हुआ है। साप्ताहिक बाजार का प्रभाव अभी जारी है। उनका कहना है कि पहले बेचने वाले भी कालोनी के लोग हैं और खरीदने वाले भी कॉलोनी के लोग हैं। हममें से बहुत दुकनदार करोना काल में घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के बाद दुकान लगा रहे हैं। इसी से हमारा घर परिवार चल रहा हे। इस बाजार के कारण हमारी कमाई का पैसा कॉलोनी के बाहर जा रहा है।
जिम्मेदारों का कहना है
मामले में सेजबहार हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता पूनमचंद अग्रवाल का कहना है कि कोई नियम के खिलाफ कार्य नहीं किया गया है। जन कल्याण समिति अनुमति लेकर बाजार लगा रही है। लोगों को सामान के लिए बाहर जाना पड़ता था। साप्ताहिक बाजार लगाने से लोग काफी खुश हैं। हाउसिंग बोर्ड कोई टेंडर नहीं निकालती हैं। समिति बिना लाभ के काम कर रही है।
वहीं छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष और विधायक कुलदीप जुनेजा का कहना है कि ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।