{"_id":"69fd832e2b0ebb0a2c066690","slug":"negligence-in-checking-higher-secondary-copies-proved-costly-mshim-blacklisted-30-teachers-for-3-years-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG: हायर सेकेंडरी कॉपी जांच में लापरवाही पड़ी भारी, मशिमं ने 30 शिक्षकों को 3 साल के लिए किया ब्लैकलिस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG: हायर सेकेंडरी कॉपी जांच में लापरवाही पड़ी भारी, मशिमं ने 30 शिक्षकों को 3 साल के लिए किया ब्लैकलिस्ट
Fri, 08 May 2026 12:01 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 08 May 2026 12:01 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हायर सेकेंडरी परीक्षा 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने पर 30 शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हायर सेकेंडरी परीक्षा 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने पर 30 शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। मंडल ने संबंधित शिक्षकों को आगामी तीन वर्षों तक बोर्ड के सभी कार्यों से ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान कई विद्यार्थियों के अंकों में 20 से 40 नंबर तक का अंतर पाया गया। इतने बड़े बदलाव को मंडल ने मूल्यांकन में गंभीर लापरवाही माना और जांच के बाद संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई का फैसला लिया।
मंडल की ओर से जारी आदेश में संबंधित शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की अनुशंसा भी की गई है। बताया जा रहा है कि कॉपी जांच के दौरान अंक देने में भारी त्रुटियां और लापरवाही सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी तरह की लापरवाही न हो।
विज्ञापन
यहां देखें सूची
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान कई विद्यार्थियों के अंकों में 20 से 40 नंबर तक का अंतर पाया गया। इतने बड़े बदलाव को मंडल ने मूल्यांकन में गंभीर लापरवाही माना और जांच के बाद संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई का फैसला लिया।
विज्ञापन
मंडल की ओर से जारी आदेश में संबंधित शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की अनुशंसा भी की गई है। बताया जा रहा है कि कॉपी जांच के दौरान अंक देने में भारी त्रुटियां और लापरवाही सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी तरह की लापरवाही न हो।
विज्ञापन
यहां देखें सूची