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CG News : पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला
Sat, 28 Dec 2024 02:51 PM IST
Digvijay Singh
पीटीआई, रायपुर
पीटीआई, रायपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 28 Dec 2024 02:51 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उनके बेटे और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की।
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पूर्व मंत्री कवासी लखमा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान में कांग्रेस विधायक कवासी लखमा और उनके बेटे के ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है। प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उनके बेटे और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। पीटीआई के मुताबिक राज्य में कथित शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत यह छापेमारी की गई है।
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धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कुल सात ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इनमें रायपुर में लखमा का आवास और सुकमा जिले में उनके बेटे हरीश लखमा का आवास शामिल है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह छापेमारी शहरी निकाय और पंचायत चुनावों से पहले विपक्षी पार्टी के नेताओं को परेशान करने की भाजपा की साजिश का हिस्सा है। 71 वर्षीय लखमा कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं और पिछली कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रह चुके हैं। हरीश लखमा अपने जिले में पंचायत अध्यक्ष बताए जाते हैं।
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2020-2022 में कवासी लखमा के मंत्री रहने के दौरान लखमा को दो करोड़ रुपये हर महीने के भुगतान का आरोप लगा था जिसको लेकर ईडी जांच कर रही है। कथित शराब घोटाला 2019-22 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के तहत किया गया था जिसके तहत खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबें अवैध आय से भर गईं।
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वहीं इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विंग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पीटीआई को बताया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है क्योंकि राज्य में शहरी निकाय और पंचायत चुनाव होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस नेताओं को परेशान करने की भाजपा की साजिश है।