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छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय ने बनोरा अघोर गुरु पीठ में अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का लोकार्पण किया
Fri, 18 Sep 2026 07:55 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 18 Sep 2026 07:55 PM IST
सार
रायगढ़ के बनोरा अघोर गुरु पीठ में सीएम विष्णुदेव साय ने अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नए भवन का लोकार्पण किया। 8 एकड़ में बने परिसर में 41 क्लास और 9 आधुनिक लैब हैं।
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सीएम साय ने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अघोरेश्वर भगवान राम के अवतरण दिवस पर रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचे। उन्होंने उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम से भेंट कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का अवलोकन कर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी देखी। बच्चों के वैज्ञानिक मॉडल और नवाचारों की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनोरा अघोर गुरु पीठ सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता की प्रेरणादायी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि यह नया विद्या मंदिर आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों की मजबूत नींव रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। इसमें ज्ञान के साथ संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी शामिल है। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताया।
आश्रम की सेवा और दर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि अघोरेश्वर भगवान राम का संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा को समर्पित था। बनोरा आश्रम आध्यात्मिक चेतना के साथ मानव सेवा के विभिन्न कार्य कर रहा है। इसमें स्वास्थ्य एवं नेत्र शिविरों का आयोजन और जरूरतमंदों को सहायता देना शामिल है। दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियां भी आश्रम संचालित करता है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी बनोरा आश्रम को मानव सेवा, शिक्षा और चिकित्सा का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। अघोरेश्वर भगवान राम का जीवन-दर्शन समानता, प्रेम और जरूरतमंद की सहायता की प्रेरणा देता है।
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नवीन विद्यालय की विशेषताएं
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा द्वारा निर्मित यह नवीन परिसर करीब 8 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। लगभग 1 लाख वर्गफीट में निर्मित जी प्लस-2 भवन में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं हैं। विद्यालय में 41 कक्षाएं और 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय और तकनीक आधारित स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध है। नर्सरी कक्षा के बच्चों के लिए खेल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था की गई है। विद्यालय के संचालन के लिए 32 शिक्षक और 14 कार्यालयीन कर्मचारी कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत जुड़ाव
मुख्यमंत्री साय ने अघोरेश्वर भगवान राम और बनोरा आश्रम से अपने परिवार का पुराना आत्मीय जुड़ाव साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी दिवंगत केदारनाथ साय अघोरेश्वर भगवान राम के परम शिष्य थे। इस कारण बचपन से ही परिवार में अघोरेश्वर भगवान राम के प्रति श्रद्धा का वातावरण रहा है। मुख्यमंत्री को गांव बगिया से रायगढ़ आने-जाने के दौरान बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होते रहे हैं। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम के प्रति भी श्रद्धा व्यक्त की। बनोरा आकर उन्हें सदैव आत्मीयता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।
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मुख्यमंत्री साय ने अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का अवलोकन कर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी देखी। बच्चों के वैज्ञानिक मॉडल और नवाचारों की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनोरा अघोर गुरु पीठ सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता की प्रेरणादायी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि यह नया विद्या मंदिर आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों की मजबूत नींव रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। इसमें ज्ञान के साथ संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी शामिल है। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताया।
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आश्रम की सेवा और दर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि अघोरेश्वर भगवान राम का संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा को समर्पित था। बनोरा आश्रम आध्यात्मिक चेतना के साथ मानव सेवा के विभिन्न कार्य कर रहा है। इसमें स्वास्थ्य एवं नेत्र शिविरों का आयोजन और जरूरतमंदों को सहायता देना शामिल है। दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियां भी आश्रम संचालित करता है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी बनोरा आश्रम को मानव सेवा, शिक्षा और चिकित्सा का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। अघोरेश्वर भगवान राम का जीवन-दर्शन समानता, प्रेम और जरूरतमंद की सहायता की प्रेरणा देता है।
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नवीन विद्यालय की विशेषताएं
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा द्वारा निर्मित यह नवीन परिसर करीब 8 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। लगभग 1 लाख वर्गफीट में निर्मित जी प्लस-2 भवन में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं हैं। विद्यालय में 41 कक्षाएं और 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय और तकनीक आधारित स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध है। नर्सरी कक्षा के बच्चों के लिए खेल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था की गई है। विद्यालय के संचालन के लिए 32 शिक्षक और 14 कार्यालयीन कर्मचारी कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत जुड़ाव
मुख्यमंत्री साय ने अघोरेश्वर भगवान राम और बनोरा आश्रम से अपने परिवार का पुराना आत्मीय जुड़ाव साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी दिवंगत केदारनाथ साय अघोरेश्वर भगवान राम के परम शिष्य थे। इस कारण बचपन से ही परिवार में अघोरेश्वर भगवान राम के प्रति श्रद्धा का वातावरण रहा है। मुख्यमंत्री को गांव बगिया से रायगढ़ आने-जाने के दौरान बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होते रहे हैं। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम के प्रति भी श्रद्धा व्यक्त की। बनोरा आकर उन्हें सदैव आत्मीयता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।