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छत्तीसगढ़ भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र: इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का शुभारंभ
Fri, 18 Sep 2026 07:37 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 18 Sep 2026 07:37 PM IST
सार
रायपुर में इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ सरकार आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे नए उद्योगों को बढ़ावा दे रही है।
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रायपुर में इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का आगाज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। यह तीन दिवसीय मेला साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री ने देशभर के उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा और मानव संसाधन प्रदेश की स्वाभाविक ताकत हैं। राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और निवेशक हितैषी नीतियों से इसे बढ़ावा दे रही है। सरकार उद्योगों के लिए केवल नियामक नहीं, बल्कि सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ की भूमिका निभा रही है। निवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। यह मेला उद्यमियों के बीच संवाद और नवाचार का महत्वपूर्ण मंच है। लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग इससे जुड़े हैं।
नई औद्योगिक नीति और उभरते क्षेत्र
छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है। इसका उद्देश्य निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक साथ बढ़ाना है। नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण और निवेशकों को प्रोत्साहन दिया गया है। आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों पर विशेष ध्यान है। प्रदेश में 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य शुरू हुआ है।
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रोजगार सृजन और पर्यटन संभावनाएं
औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर मिलेगा। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। एमएसएमई और स्टार्टअप युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने में सहायक हैं। बस्तर में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ उद्योगों की नई उड़ान के लिए तैयार है।
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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा और मानव संसाधन प्रदेश की स्वाभाविक ताकत हैं। राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और निवेशक हितैषी नीतियों से इसे बढ़ावा दे रही है। सरकार उद्योगों के लिए केवल नियामक नहीं, बल्कि सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ की भूमिका निभा रही है। निवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। यह मेला उद्यमियों के बीच संवाद और नवाचार का महत्वपूर्ण मंच है। लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग इससे जुड़े हैं।
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नई औद्योगिक नीति और उभरते क्षेत्र
छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है। इसका उद्देश्य निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक साथ बढ़ाना है। नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण और निवेशकों को प्रोत्साहन दिया गया है। आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों पर विशेष ध्यान है। प्रदेश में 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य शुरू हुआ है।
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रोजगार सृजन और पर्यटन संभावनाएं
औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर मिलेगा। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। एमएसएमई और स्टार्टअप युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने में सहायक हैं। बस्तर में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ उद्योगों की नई उड़ान के लिए तैयार है।