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सीजी: गरबा को लेकर में वक्फ और बजरंग दल आमने-सामने: मुस्लिम युवाओं से अनुमति लेने की अपील, आयोजकों को निर्देश
Sun, 04 Oct 2026 09:29 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sun, 04 Oct 2026 09:29 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ में नवरात्र के दौरान गरबा आयोजनों को लेकर वक्फ बोर्ड और बजरंग दल ने अपने-अपने निर्देश जारी किए हैं। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से अनुमति लेकर और आयोजन के धार्मिक नियमों का पालन करते हुए गरबा में शामिल होने की अपील की है।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
छत्तीसगढ़ में नवरात्र के दौरान होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर वक्फ बोर्ड और बजरंग दल ने अलग-अलग निर्देश और चेतावनी जारी की है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि यदि वे गरबा में शामिल होते हैं तो समिति की अनुमति लें, मूर्ति पूजा करें, माथे पर तिलक लगाएं और हाथ में कलावा बांधें। उन्होंने मुस्लिम युवाओं को केवल अपनी मां और बेटियों के साथ ही जाने और दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा न करने की सलाह दी है।
नियम पालन और अनुमति की शर्त
डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा आस्था का विषय है और इस्लाम में मूर्ति पूजा का स्थान नहीं है। जब मुस्लिम समाज की इसमें आस्था नहीं है और वे मूर्ति पूजा नहीं कर सकते तो उन्हें गरबा में जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरबा कोई मनोरंजन का केंद्र या पर्यटन स्थल नहीं है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, नाम बदलकर गरबा में जाने से छेड़छाड़ और लव जिहाद जैसे मामले सामने आते हैं। इसलिए यदि कोई युवा इसमें शामिल होना चाहता है तो वह नियमों का पूरा पालन करे, सही नाम दर्ज कराए और अनुमति लेकर ही जाए। उन्होंने नाम बदलकर प्रवेश करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात भी कही।
धार्मिक मर्यादा और बजरंग दल का रुख
दूसरी ओर, बजरंग दल ने गरबा आयोजकों को चेतावनी देते हुए इन कार्यक्रमों में धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की मांग रखी है। रायपुर के जिला संयोजक भूषण साहू ने कहा कि गरबा एक धार्मिक आयोजन है और इसे केवल इवेंट या मनोरंजन का रूप न दें। मर्यादा का पालन न करने पर संगठन विरोध करेगा। बजरंग दल ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने समेत सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े 14 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी करने के लिए जिलाधिकारी को आवेदन दिया है। संगठन का कहना है कि गरबा धार्मिक आयोजन है और इसकी पवित्रता बनी रहनी चाहिए।
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ये भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ से ग्राउंड रिपोर्ट: कैसे बदल रहा बस्तर? पंडुम कैफे में काम करने वाले पूर्व नक्सलियों ने बताई कहानी
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े नियम
बजरंग दल ने गरबा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। संगठन ने आने-जाने की अलग व्यवस्था, पहचान पत्र की जांच, सुरक्षा जांच, सीसीटीवी कैमरे और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की मांग रखी है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि वे अश्लील गानों, नारों और आपत्तिजनक गतिविधियों पर रोक लगाएं। विवाद या छेड़छाड़ की स्थिति में आयोजक खुद कानून हाथ में न लें और न भीड़ से कार्रवाई कराएं, बल्कि तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। इसके अलावा संगठन ने आग से बचाव, बिजली सुरक्षा, आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार और पुलिस बल तैनात करने का आग्रह किया है।
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नियम पालन और अनुमति की शर्त
डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा आस्था का विषय है और इस्लाम में मूर्ति पूजा का स्थान नहीं है। जब मुस्लिम समाज की इसमें आस्था नहीं है और वे मूर्ति पूजा नहीं कर सकते तो उन्हें गरबा में जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरबा कोई मनोरंजन का केंद्र या पर्यटन स्थल नहीं है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, नाम बदलकर गरबा में जाने से छेड़छाड़ और लव जिहाद जैसे मामले सामने आते हैं। इसलिए यदि कोई युवा इसमें शामिल होना चाहता है तो वह नियमों का पूरा पालन करे, सही नाम दर्ज कराए और अनुमति लेकर ही जाए। उन्होंने नाम बदलकर प्रवेश करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात भी कही।
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धार्मिक मर्यादा और बजरंग दल का रुख
दूसरी ओर, बजरंग दल ने गरबा आयोजकों को चेतावनी देते हुए इन कार्यक्रमों में धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की मांग रखी है। रायपुर के जिला संयोजक भूषण साहू ने कहा कि गरबा एक धार्मिक आयोजन है और इसे केवल इवेंट या मनोरंजन का रूप न दें। मर्यादा का पालन न करने पर संगठन विरोध करेगा। बजरंग दल ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने समेत सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े 14 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी करने के लिए जिलाधिकारी को आवेदन दिया है। संगठन का कहना है कि गरबा धार्मिक आयोजन है और इसकी पवित्रता बनी रहनी चाहिए।
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सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े नियम
बजरंग दल ने गरबा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। संगठन ने आने-जाने की अलग व्यवस्था, पहचान पत्र की जांच, सुरक्षा जांच, सीसीटीवी कैमरे और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की मांग रखी है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि वे अश्लील गानों, नारों और आपत्तिजनक गतिविधियों पर रोक लगाएं। विवाद या छेड़छाड़ की स्थिति में आयोजक खुद कानून हाथ में न लें और न भीड़ से कार्रवाई कराएं, बल्कि तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। इसके अलावा संगठन ने आग से बचाव, बिजली सुरक्षा, आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार और पुलिस बल तैनात करने का आग्रह किया है।