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Raigarh: केआईटी कॉलेज में 25 सालों तक सेवा देने के बावजूद नहीं मिला वेतन, शख्स ने की इच्छा मृत्यु की मांग

Sat, 25 Jan 2025 07:40 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, रयगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रयगढ़ Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 25 Jan 2025 07:40 PM IST
सार

रायगढ़ जिले में स्थित केआईटी कॉलेज में 25 सालों तक सेवा देने के बावजूद वेतन नही मिलने से पैसे के अभाव में अपने पिता की जान गवाने वाले एक शख्स ने अब जिलाधीश को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपते हुए इच्छा मृत्यु की मांग करने का मामला सामने आया है।

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Despite serving for 25 years in KIT College he did not get salary man demanded euthanasia in Raigarh
शख्स ने की इच्छा मृत्यु की मांग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित केआईटी कॉलेज में 25 सालों तक सेवा देने के बावजूद वेतन नही मिलने से पैसे के अभाव में अपने पिता की जान गवाने वाले एक शख्स ने अब जिलाधीश को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपते हुए इच्छा मृत्यु की मांग करने का मामला सामने आया है। महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश को सौंपे गए ज्ञापन में अजीम बक्श 48 साल ने कहा है कि किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालॉजी रायगढ़ (केआईटी) का गत 25 वर्षो से नियमित कर्मचारी है। उसे पिछले 32 माह से वेतन जैसी मूलभूत आवश्यकता से वंचित रखा गया है। जिसके कारण उसके परिवार का जीवन-यापन करना कठिन हो चुका है। इस दौरान उपचार के अभाव में उसके पिता की भी मृत्यु हो चुकी है। साथ-साथ उसके द्वारा गृह निर्माण हेतु बैंक से लोन लिया गया था जिसका किश्त वेतन के अभाव में जमा नही होनें के कारण बैंक के द्वारा उसे नोटिस थमाकर लोक अदालत जैसी कार्रवाई की जा रही है।

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अपने ज्ञापन में अजीम बक्श ने यह भी कहा है कि वेतन प्राप्त नही होनें के कारण उसने केआईटी के प्राचार्य गजेन्द्र कुमार अग्रवाल के अलावा सचिव किरोड़ीमल पाॅलीटेक्निक सोसायटी के खिलाफ जूटमिल थाने में शिकायत दर्ज करा चुका है। जिसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नही हुई है। संस्था के समस्त तृतीय एवं चतुर्थ कर्मचारियों द्वारा सिविल न्यायालय रायगढ़ में वेतन प्राप्त नही होनें का प्रकरण चल रहा है जिसका फैसला लंबित है। पिछले कई महीों से वेतन हेतु दर्जनों बार शासन-प्रशासन से लिखित एवं मौखिक रूप से गुहार लगा चुके हैं किंतु नतीजा शून्य है।  समस्त कर्मचारियों ने लगभग ढाई माह तक आंदोलन किया, जिसमें क्रमिक भूख हड़ताल, शिक्षा मंत्री के ग्राम तक 25 किमी. पद यात्रा व अनशन आदि किया जा चुका है। 
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अजीम बक्श ने यह भी कहा कि बार-बार निवेदन, आंदोलन न्यायालय जाने, पुलिस में शिकायत करने आदि सभी संवैधानिक कार्यो पश्चात आज पर्यत तक उसका वेतन लंबित है। साथ ही साथ इलाज के अभाव में पिता को खोने का दुख के अलावा बैंकों से नोटिस मिलने से मानसिक प्रताड़ना में अपने व परिवार की जीवन यापन का कहीं भी समाधान नही मिल पाने की स्थिति में इच्छा मृत्यु के सिवाय अब कोई रास्ता नही बचा है। इसलिये वह महामहिम राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग हेतु आवेदन करने पर विवश हो चुका है।

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