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Chhattisgarh Election Result: ओपी चौधरी जिसने पार्टी के लिए छोड़ी कुर्सी, क्या उन्हे मिलेगी 'कुर्सी'

Sun, 03 Dec 2023 04:06 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क,रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क,रायगढ़ Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 03 Dec 2023 04:06 PM IST
सार

साल 2005 बैच के आईएएस अफसर ने 13 साल सर्विस करने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार के चुनाव में ओपी चौधरी को रायगढ़ से अपना उम्मीदवार बनाया था। गृहमंत्री अमित शाह का करीबी होने की वजह से सियासी गलियारे में चर्चा है कि भाजपा ओपी चौधरी को छत्तीसगढ़ की कमान सौंप सकती है। 

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Chhattisgarh Election Result OP Chaudhary who left the chair for the party will he get the chair
ओपी चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Chhattisgarh Election Result 2023: छत्तीसगढ़ समेत देश के चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं।  छत्तीसगढ़ में रुझानों  में भाजपा की सरकार पूर्ण बहुमत से बनने के आसार हैं। इस चुनाव में कई उम्मीदवार ऐसे हैं जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी कड़ी में पूर्व आईएएस अफसर ओपी चौधरी का नाम भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है। ओपी चौधरी को गृहमंत्री अमित शाह का बेहद करीबी माना जाता है। सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि भाजपा ओपी चौधरी को छत्तीसगढ़ का सीएम बना सकती है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टी नहीं हुई है, सियासी पंडितों की तरफ से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। रायगढ़ में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने जनता से कहा था कि आप चौधरी को चुनाव जिता दें। इन्हें बड़ा आदमी मैं बना दूंगा। बड़ा आदमी बनाना मेरा काम है।

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दरअसल ओपी चौधरी ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव में रायगढ़ जिले की खरसिया सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय उनके सामने कांग्रेस के दिवंगत नेता नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल थे। इस चुनाव में उमेश पटेल ने ओपी चौधरी को शिकस्त दी थी। उमेश पटेल ने ओपी चौधरी को 16,967 मतों से हराया था। उमेश पटेल को 94,201 वोट मिले थे, वहीं ओपी चौधरी को 77,234 वोटों से संतुष्ट होना पड़ा था।

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ओपी चौधरी रायगढ़ जिले के बायंग गांव के रहने वाले हैं। जिले से पहली बार अगर कोई शख्स आईएएस बना तो  वो थे ओपी चौधरी। 13 साल की सर्विस में उन्होंने राज्य में कई योजनाओं पर काम किया, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा  भी गया। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित प्रयास स्कूल ओपी चौधरी की ही देन माना जाता है। दंतेवाड़ा का कलेक्टर रहने के दौरान  उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाके  में शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बहुत कम किया था। 

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ओपी चौधरी को प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। महज 22 साल की उम्र में आईएएस बनने वाले ओपी चौधरी के पिता दीनानाथ चौधरी पेशे से  शिक्षक थे। जब ओपी दूसरी कक्षा में थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था। उन्होंने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा अपने पैतृक गांव से ही पूरी की। इसके बाद उन्होंने भिलाई से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और फिर सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गए। ओपी चौधरी ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा को क्लीयर कर लिया। बता दें कि ओपी रायपुर के कलेक्टर रह चुके हैं। 


साल 2005 बैच के आईएएस अफसर ने 13 साल सर्विस करने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार के चुनाव में ओपी चौधरी को रायगढ़ से अपना उम्मीदवार बनाया था। गृहमंत्री अमित शाह का करीबी होने की वजह से सियासी गलियारे में चर्चा है कि भाजपा ओपी चौधरी को छत्तीसगढ़ की कमान सौंप सकती है। 

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